पटना

आवेदन दीजिए, लालू यादव की जमीन की भी होगी जांच… जेडीयू की मांग पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का बड़ा बयान

RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमीन और प्रॉपर्टी की जांच की मांग पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस संबंध में कोई औपचारिक आवेदन दिया जाता है, तो सरकार नियमों के अनुसार उस पर विचार करेगी।
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Jan 01, 2026
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विजय सिन्हा (फोटो- X@VijayKrSinhaBih)

राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव के नए बंगले को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा लालू प्रसाद यादव की संपत्तियों की जांच की मांग के बाद, बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मामले पर एक बड़ा बयान दिया है। विजय सिन्हा ने साफ कहा कि अगर इस संबंध में कोई औपचारिक आवेदन दिया जाता है, तो विभाग निश्चित रूप से इस पर विचार करेगा। सिन्हा ने कहा कि बिहार में भूमि माफिया और अवैध भूमि सौदों के खिलाफ अभियान किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा।

नियम सबके लिए समान - विजय सिन्हा

जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार की मांग पर जवाब देते हुए राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने कहा, "बिहार में भूमि माफिया और दलालों के खिलाफ हमारा अभियान पूरी निष्पक्षता के साथ जारी है। सरकार का संकल्प है, 'सबका सम्मान, जीवन आसान'। अगर जेडीयू या किसी नागरिक से हमारे 'जन संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से सबूत के साथ कोई आवेदन मिलता है, तो विभाग निश्चित रूप से लालू प्रसाद यादव की जमीन और निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करेगा। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।"

नीरज कुमार ने क्या कहा?

यह विवाद जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार के एक बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने पटना के कौटिल्य नगर में बन रहे लालू यादव के नए आवास पर सवाल उठाया। नीरज कुमार ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जो नेता कभी चपरासी के क्वार्टर में रहने का दावा करते थे और अपनी सादगी का बखान करते थे, अब पटना के सबसे पॉश इलाकों में उनके 'महल' बन रहे हैं।

जेडीयू प्रवक्ता ने मांग की कि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा इन निर्माणाधीन आवासों की जमीन के मालिकाना हक, निर्माण सामग्री के स्रोत और आय के स्रोतों की गहन जांच करें। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये जमीनें राजनीतिक फायदे के बदले दान में मिली हैं या कानूनी तरीके से हासिल की गई हैं।

भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप

विभाग का कार्यभार संभालने के बाद से विजय सिन्हा एक नए अवतार में नजर आ रहे हैं। हर हफ्ते होने वाले उनके जन संवाद कार्यक्रमों में दर्जनों सर्कल अधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मचारियों पर मौके पर ही कार्रवाई की जा चुकी है। मंत्री के इस सख्त रवैये से विभाग में लगभग बगावत जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कुछ अधिकारी संघों ने तो मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर विजय सिन्हा के कामकाज के तरीके में हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि, सिन्हा ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी प्रशासनिक या राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि लैंड माफिया के साथ मिलीभगत करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Updated on:
01 Jan 2026 06:07 pm
Published on:
01 Jan 2026 06:06 pm
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