पटना

मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर को फिर बताया अहंकारी, कहा- कुछ ऐसा कर दिखाइए कि उदाहरण बन जाए

Bihar Politics: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रशांत किशोर के बयान पर पलटवार करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद PK को अच्छे काम करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने उन्हें बांकीपुर को विकास का मॉडल बनाने की सलाह दी।
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Aug 17, 2026
manoj tiwari vs prashant kishor
भाजपा सांसद मनोज तिवारी और जनसुराज विधायक प्रशांत किशोर

Manoj Tiwari vs Prashant Kishor: भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी और जन सुराज पार्टी के संस्थापक व बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर के बीच सियासी तकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रशांत किशोर के बयानों पर पलटवार करते हुएBJP सांसद मनोज तिवारी ने एक बार फिर उन्हें 'अहंकारी' करार दिया। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि चूंकि प्रशांत किशोर चुनाव जीत चुके हैं, इसलिए उन्हें अब अहंकार और अमर्यादित भाषा छोड़कर बांकीपुर के विकास पर ध्यान देना चाहिए, ताकि अगले चार वर्षों में वे पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन सके।

मनोज तिवारी ने PK को दी सकारात्मक काम करने की सलाह

मनोज तिवारी ने कहा कि भले ही बिहार में जन सुराज के अन्य उम्मीदवार विधानसभा चुनाव में अपनी जमानत जब्त करवा बैठे थे, लेकिन प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में जीत हासिल की है और उन्हें अब सकारात्मक कामों पर ध्यान देना चाहिए। मनोज तिवारी ने कहा कि जो व्यक्ति जीतने के बाद झुकता है वह संस्कारी कहलाता है, लेकिन जीतने के बावजूद जो अड़ता है और अभद्र भाषा या अपशब्दों का इस्तेमाल करता है, उसे अहंकारी समझा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जनता सब देख रही है और किशोर को अब सिर्फ बांकीपुर के लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए।

क्या कहा था प्रशांत किशोर ने?

रविवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी पर हमला बोला था। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें मनोज तिवारी से किसी राजनीतिक सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मनोजज तिवारी मूल रूप से एक गायक हैं और उन्हें अपने गायन पर ध्यान देना चाहिए। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि भाजपा के सहयोग से वे जिस संसदीय क्षेत्र से जीते हैं, वहां जाकर काम करें और बिहार में आकर बेकार की राजनीति करने की कोशिश न करें, क्योंकि राज्य की जनता ने उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया है।

दोनों नेताओं के बीच विवाद कहां से शुरू हुआ?

असल में, दोनों नेताओं के बीच यह जुबानी जंग बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान शुरू हुई। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि प्रशांत किशोर ने शर्त रखी थी कि न्याय पाने के लिए भरत तिवारी के परिवार को जन सुराज के लिए प्रचार करना होगा। इसके जवाब में, प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी को 'मौसमी मेंढक' कहा और उन्हें चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे पीड़ित परिवार को असल में न्याय दिलाकर दिखाएं।

Updated on:
17 Aug 2026 04:50 pm
Published on:
17 Aug 2026 04:38 pm