मंदिर मेंशुद्धिकरण संस्कार संपन्न के बाद मंशा को उसकी मां को सौंप दिया गया। मंशा ने सात दिनों पहले घर से भागकर मुस्लिम युवक नियाजुल से शादी कर ली थी।
मुंगेर की रहने वाली मंशा मुस्लिम युवक नियाजुल से शादी के एक सप्ताह बाद अपने घर लौट आई है। कोर्ट में बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने मंशा को उसके परिजनों को सौंप दिया है। कोर्ट में मंशा ने अपने परिजनों के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की थी। माता पिता बेटी मंशा को मुंगेर स्थित बड़ा महावीर मंदिर ले गए जाया गया, जहां युवती को स्नान कराकर गंगाजल से शुद्धिकरण संस्कार कराया गया। मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने शंख जल और मंत्रोच्चार के साथ मंशा का शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया।
मंदिर के पुजारी घनश्याम दास के शुद्धिकरण संस्कार संपन्न होने के बाद युवती ने भगवान महावीर के दर्शन किए, हनुमान पाठ व सुंदरकांड का पाठ करने के बाद प्रसाद चढ़ाया। शुद्धिकरण संस्कार के बाद युवती अपनी मां के साथ फिर घर लौट गई। शुद्धिकरण संस्कार के दौरान विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी और युवती के परिजन मौजूद थे।
मंशा 30 दिसंबर को अपने घर से भागकर नियाजुल से अपनी मर्जी से शादी की थी। दोनों दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में अपनी शादी की थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उसने इससे जुड़ी जानकारी उसने शेयर किया था। वीडियो में लड़की ने कहा था कि मुझे कोई जबरदस्ती नहीं लाया है। मैं खुद नियाजुल के साथ घर से भागी थी। मैं पुलिस प्रशासन से अपील करती हूं कि मुझे और उनके परिवार को परेशान नहीं करे।
अपनी बेटी के घर छोड़कर चले जाने के बाद युवती के परिजनों ने मुंगेर के सफियाबाद थाने में सात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसके छह दिनों के बाद युवती लड़के के परिजनों के साथ सफियाबाद थाने पहुंची। पुलिस ने लड़की से पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे मुंगेर न्यायालय में बयान के लिए प्रस्तुत किया था। लड़की ने कोर्ट में अपने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद कोर्ट ने युवती को उसके माता-पिता और परिवार को सुपुर्द कर दिया।
बेटी के मिलने के बाद मां ने लोगों से अपील किया है कि मेरी बेटी की गलती को आप सभी लोग भी माफ कर दें। हमारी बेटी हमारे साथ है, इससे हम बहुत खुश हैं। बेटी की गलती के लिए उसे प्रताड़ित नहीं करें। वहीं उन्होंने अपनी बेटी से कहा कि घटना को एक बुरा सपना समझकर भूल जाए।