पटना

Bihar Politics: टोपी विवाद पर सियासत तेज, डिप्टी सीएम ने क्यों कहा—एनडीए सरकार में अल्पसंख्यक सुरक्षित

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा टोपी पहनने से इनकार के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई। इस पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि इससे शासन का आकलन नहीं किया जा सकता

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May 03, 2026
bihar deputy sm vijay kumar chaudhary
बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी

Bihar Politics बिहार की एनडीए सरकार में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह बात बिहार के उपमुख्यमंत्री और जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि लोगों को नेतृत्व पर भरोसा रखना चाहिए। दरअसल, उनके इस बयान को हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा टोपी पहनने से इनकार किए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस पर सफाई देते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि टोपी पहनना शासन का पैमाना नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “अगर किसी सरकार के काम का आकलन इस आधार पर किया जाता है कि उसका कोई प्रतिनिधि टोपी पहनता है या नहीं, तो 4-5 टोपियां ले आइए, मैं उन्हें पहन लूंगा।”

अल्पसंख्यक सुरक्षित

उन्होंने कहा, “नीतीश सरकार में जिस तरह अल्पसंख्यक सुरक्षित रहे, उसी तरह सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी वे सुरक्षित रहेंगे। राज्य के अल्पसंख्यकों को निश्चिंत रहना चाहिए और एनडीए सरकार पर भरोसा रखना चाहिए।” चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष भ्रामक प्रचार के जरिए लोगों में डर फैलाने की कोशिश कर रहा है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता छीने जाने का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है।

उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर भी इसी तरह की गलतफहमियां फैलाई गई थीं। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे बताएं कि CAA के तहत कितने लोग प्रभावित हुए और SIR के तहत कितने योग्य नाम हटाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय अब सच्चाई को समझ रहा है। आगे उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता, अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी, जैसे कि नीतीश कुमार के कार्यकाल में लागू थी।

टोपी पहनने से इनकार, गमछा किया स्वीकार

जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुस्लिम टोपी पहनने से विनम्रतापूर्वक इनकार कर दिया था। उन्हें सीएम बनने पर बधाई देने पहुंचे एक मुस्लिम बुजुर्ग ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने सम्मान के साथ टोपी हाथ में ले ली, पहनना स्वीकार नहीं किया। हालांकि, बुजुर्ग द्वारा दिया गया गमछा उन्होंने ससम्मान पहन लिया।

Published on:
03 May 2026 01:17 pm