अनंत सिंह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मोकामा में अस्पताल खोलने और बिहार से शराबबंदी हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद गांवों में लोग अब भी शराब पी रहे हैं और नशे में ऊल-जलूल हरकतें कर रहे हैं।
जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने मोकामा में अस्पताल की स्थापना और राज्य से शराबबंदी हटाने की मांग रखी है।
अनंत सिंह ने आगे कहा कि जब बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी, तब उन्होंने इसका समर्थन किया था। हालांकि, अब भी राज्य में लोग शराब का सेवन कर रहे हैं और अवैध रूप से इसकी बिक्री जारी है। इसी कारण उन्होंने मुख्यमंत्री से शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार कर इसे हटाने की मांग की है।
जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने मोकामा में अस्पताल की स्थापना और राज्य से शराबबंदी हटाने की मांग रखी है।
अनंत सिंह ने आगे कहा कि जब बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी, तब उन्होंने इसका समर्थन किया था। हालांकि, अब भी राज्य में लोग शराब का सेवन कर रहे हैं और इसकी अवैध बिक्री जारी है। इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार कर इसे हटाने की मांग की है। इसके अलावा, अनंत सिंह ने यह भी कहा कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे और यह मेरा आखिरी चुनाव था।
जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि यह अलग बात है कि लोग अब सड़कों पर खुलेआम शराब नहीं पी रहे हैं, लेकिन गांव और शहर दोनों जगह लोग छिपकर इसका सेवन कर रहे हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी सरकार से मांग की कि शराबबंदी हटाने के साथ सख्त नियम भी बनाए जाएं, ताकि यदि कोई व्यक्ति सड़क पर शराब पीते पकड़ा जाए तो उसे सीधे जेल भेजा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में आज भी लोग शराब पीकर ऊल-जलूल हरकतें करते हैं, जो गलत है। अनंत सिंह से पहले RLM विधायक माधव आनंद भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने मोकामा क्षेत्र के लिए एक अस्पताल की मांग भी रखी। निशांत को सरकार में कोई पद नहीं मिलने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पहले सीखना चाहते हैं। हालांकि, जनता चाहती है कि उन्हें सरकार में भी जिम्मेदारी मिले। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कोई पद दिया जाता है तो यह अच्छी बात होगी, लेकिन जब वह खुद इसके लिए तैयार नहीं हैं, तो हम क्या कर सकते हैं। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उनकी उनसे कोई खास जान-पहचान नहीं है।