मोतिहारी में पुलिस एक आरोपी को पकड़ने के लिए शादी समारोह के बीच ही पहुंच गई। जहां ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।
Bihar News:बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में पुलिस टीम पर हमले की एक घटना सामने आई है। पताही थाना क्षेत्र के बेतौना गांव में ग्रामीणों ने मधुबन थाना की एक पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसमें मधुबन थाना की एक महिला अधिकारी भी शामिल थीं। पुलिस की यह टीम मौके पर यौन शोषण के आरोपी एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने पहुंची थी। वहीं, पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस मामले में बरती गई लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक के खिलाफ शादी का झूठा वादा करके यौन शोषण करने का एक गंभीर मामला दर्ज था, जिसके बाद वह फरार हो गया था। मामले की जांच के क्रम में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी बेतौना गांव में अपने मामा के घर छिपा हुआ है और वहीं गुपचुप तरीके से शादी कर रहा है। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए मधुबन पुलिस की टीम शादी के घर में छापा मारने के लिए वहां पहुंची।
पुलिस टीम ने जैसे ही शादी की रस्मों के बीच दबिश दी, शादी समारोह में मौजूद लोग और ग्रामीण उग्र हो गए। आरोपी को बचाने की कोशिश में, लगभग दो दर्जन लोगों की भीड़ ने अचानक लाठियों और डंडों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान महिला अधिकारी नेहा वर्षा और उनके साथ मौजूद दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना की खबर मिलते ही कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया।
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने इस मामले को संभालने में अनुशासनहीनता और घोर लापरवाही का हवाला देते हुए, जांच अधिकारी (IO) नेहा वर्षा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। SP की आंतरिक जांच में पुलिस टीम की ओर से तीन बड़ी गलतियां सामने आई।
जैसे कि छापा मारने पहुंची टीम ने संबंधित स्थानीय थाने (पताही थाना) को बिना किसी पूर्व सूचना दिए, दूसरे थाना क्षेत्र में जाकर छापेमारी की थी। इसके अलावा सुरक्षा के तय प्रोटोकॉल की पूरी तरह से अनदेखी करते हुए, टीम बिना पर्याप्त पुलिस बल के ही छापा मारने पहुंच गई थी, टीम में महिला अधिकारी के साथ केवल दो चौकीदार थे। यही नहीं टीम के सदस्यों के पास हेलमेट, लाठी या अन्य सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे (जो कि SOP के तहत अनिवार्य हैं)।
पुलिस पर हुए हमले के मामले में तुरंत कार्रवाई करते ही पुलिस अधिकारियों ने 22 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पुरुष और महिलाएं, दोनों शामिल हैं। SP ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि भविष्य में जो भी अधिकारी SOP का पालन करने में विफल रहेगा और विभाग की छवि को धूमिल करेगा उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।