पटना

मुस्लिम परिवार ने राम के नाम कर दी करोड़ों की जमीन, बिहार में बन रहे विराट रामायण मंदिर के लिए दिया दान

Virat Ramayan Mandir: बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहे विराट रामयन मंदिर के निर्माण के लिए मुस्लिम परिवार ने भी करोड़ों की जमीन दान दी है। इस बात की जानकारी देते हुए सायन कुणाल ने फ़ेसबुक पर इसे हिंदू विरासत का जीवंत प्रतीक बताया। 
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Jan 08, 2026
virat ramayan mandir | world biggest shivling
दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग (फोटो- saayan kunal facebook)

Virat Ramayan Mandir: बिहार के पूर्वी चंपारण में बन रहा है दुनिया का सबसे ऊंचा विराट रामायण मंदिर और वहां स्थापित होने वाला सबसे बड़ा शिवलिंग इन दिनों हर जगह सुर्खियों में है। इस संबंध में, महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव सायन कुणाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि एक मुस्लिम परिवार ने भी इस मंदिर के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की जमीन दान की है। सायन कुणाल ने इसे हिंदू विरासत का जीता-जागता प्रतीक बताया।

सायन कुणाल ने क्या लिखा?

महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव सायन कुणाल (पद्म श्री आचार्य किशोर कुणाल के बेटे) ने फेसबुक पर लिखा, "विराट रामायण मंदिर हमारी साझा हिंदू विरासत का जीता-जागता प्रतीक है। विराट रामायण मंदिर की भूमि के लिए एक मुस्लिम परिवार ने भी दान दिया, जो हमारे समाज के लिए एक गहरा और सकारात्मक संदेश देता है।"

कैथवलिया के मुस्लिम परिवार ने बड़ा दान किया

वर्तमान में गुवाहाटी में रहने वाले और मूल रूप से चंपारण के कैथवलिया गांव के रहने वाले इश्तियाक अहमद खान और उनके परिवार ने 2022 में मंदिर ट्रस्ट को 23 कट्ठा (लगभग 2 एकड़) जमीन दान की थी। सरकारी मुआवजे की दरों के अनुसार, उस समय इस जमीन की कीमत 2.5 करोड़ रुपये के करीब आंकी गई थी। दान का दस्तावेज केसरिया रजिस्ट्रेशन ऑफिस में भी विधिवत रजिस्टर्ड कराया गया था। खान परिवार द्वारा जमीन दान करने के बाद, अन्य ग्रामीणों ने भी रियायती दरों पर जमीन दान करना शुरू कर दिया था।

मंदिर कैसा होगा?

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले के कैथवलिया (कल्याणपुर ब्लॉक) में बन रहा विराट रामायण मंदिर दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे बड़ा राम मंदिर होगा, जो हिंदू धार्मिक विरासत का एक शानदार प्रतीक बनेगा। यह 270 फीट ऊंचा, 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा, जिसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर होंगे, जो इसे अयोध्या के राम मंदिर से भी बड़ा बनाता है।

लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से 5 साल में पूरा होने की उम्मीद है, यह मंदिर गुलाबी चुनार पत्थर (उत्तर प्रदेश से), राजस्थानी नक्काशीदार कलाकृति और स्पेनिश-शैली की मूर्तियों से सजाया जाएगा। ऐतिहासिक केसरिया बौद्ध स्तूप के पास राम-जानकी मार्ग पर स्थित, यह मंदिर भूकंप-रोधी तकनीक का उपयोग करके बनाया जा रहा है और इसमें एक हेलीपैड, एक विशाल प्रतिकृति क्षेत्र (28 एकड़) और रामायण के दृश्यों के जीवंत चित्रण शामिल होंगे।

परिसर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग भी

मंदिर परिसर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग भी स्थापित किया जा रहा है। यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बना है और वहां से 47 दिनों की यात्रा करके 5 जनवरी को केसरिया के विराट रामायण मंदिर पहुंचा। शिवलिंग को 17 जनवरी को स्थापित किया जाएगा। शिवलिंग का जलाभिषेक पांच पवित्र स्रोतों, जिनमें गंगोत्री, हरिद्वार, प्रयागराज, मानसरोवर और सोनपुर शामिल हैं, के जल से किया जाएगा। हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की भी तैयारी चल रही है।

Updated on:
08 Jan 2026 07:37 pm
Published on:
08 Jan 2026 07:36 pm