
बिहार कांग्रेस की बैठक (फोटो- पत्रिका)
Bihar Politics: पटना के सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के हेडक्वार्टर में गुरुवार को एक अहम मीटिंग हुई। मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए VB-GRAM-G एक्ट और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) की कानूनी गारंटी पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व का मकसद MNREGA के नाम, रूप और दायरे में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ एक चरणबद्ध कार्य योजना बनाना था।
मीटिंग की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने की। बिहार कांग्रेस के विधायकों, पूर्व उम्मीदवारों, सांसदों, जिला अध्यक्षों, पर्यवेक्षकों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों की मौजूदगी को जरूरी थी। हालांकि, जब मीटिंग शुरू हुई, तो सबसे चौंकाने वाली बात एजेंडा नहीं, बल्कि उपस्थिति थी। बैठक में पार्टी के आधे विधायक पहुंचे ही नहीं थे।
बिहार कांग्रेस के पास अभी छह विधायक हैं। पार्टी ने उन सभी की मीटिंग में मौजूदगी अनिवार्य की थी, लेकिन आधे विधायक मीटिंग में नहीं आए। विधायकों का गायब रहना यह संकेत दे गया कि पार्टी की आंतरिक एकजुटता उतनी मजबूत नहीं जितनी नेतृत्व दिखाने की कोशिश कर रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि अगर कांग्रेस केंद्र सरकार से लड़ाई का बिगुल बजा रही है, तो पहले उसकी अपनी 'टीम शीट' पूरी होनी चाहिए।
अनुपस्थित विधायकों के बारे में पूछे जाने पर, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, "जो विधायक मीटिंग में नहीं आ सके, वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक काम में व्यस्त थे। वे सभी अभियान के प्रति प्रतिबद्ध हैं।" इससे पहले मीटिंग को संबोधित करते हुए राजेश राम ने कहा कि MNREGA देश के लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि काम के अधिकार और सम्मानजनक आजीविका की गारंटी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित VB-GRAM-G बिल MNREGA के मूल तत्व को कमजोर करता है, संघीय ढांचे पर हमला करता है, और यह गरीब विरोधी और मजदूर विरोधी कदम है। इसके नकारात्मक परिणाम ग्रामीण रोजगार, मजदूरी भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और पंचायती राज व्यवस्था पर पड़ेंगे। इसके विरोध में, कांग्रेस पार्टी 10 जनवरी, 2026 से 25 फरवरी, 2026 तक पूरे राज्य में एक व्यापक, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक "मनरेगा बचाओ अभियान" शुरू करेगी।
मीटिंग में, कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा की आत्मा को कमजोर करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि VB-GRAM-G एक्ट से मनरेगा को उसकी कानूनी गारंटी से हटा दिया जाएगा, संघीय ढांचा कमजोर होगा और कॉन्ट्रैक्ट आधारित श्रम मॉडल लागू होगा। कांग्रेस ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत में करोड़ों मजदूरों, किसानों और गरीब परिवारों के लिए आजीविका की गारंटी है, और वे इस पर किसी भी हमले के खिलाफ चुप नहीं रह सकते।
Published on:
08 Jan 2026 06:22 pm
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