पटना

NEET पेपर लीक 2026: मास्टरमाइंड अवधेश के कमरे से मिले अहम सुराग, 10 मेडिकल छात्र पुलिस के रडार पर

NEET पेपर लीक मामले में आईबी और बिहार पुलिस ने पावापुरी के विम्स मेडिकल कॉलेज में छापेमारी कर मुख्य आरोपियों के हॉस्टल कमरों की तलाशी ली। कार्रवाई में अहम साक्ष्य और आईडी कार्ड मिले हैं। जांच के दायरे में अब तीन मेडिकल कॉलेजों के 10 छात्र आ गए हैं।
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May 14, 2026
Rajasthan Paper Leak - AI PIC
Rajasthan Paper Leak - AI PIC

नीट (NEET) पेपर लीक मामले में आईबी और बिहार पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। सॉल्वर गैंग की कड़ियों को जोड़ने के लिए बिहार पुलिस की टीम ने फरार आरोपियों के कमरों का ताला तोड़कर सघन तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिसके बाद 10 मेडिकल छात्र पुलिस के रडार पर आ गए हैं।

बुधवार को पुलिस ने पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS) में 2022 बैच के छात्र और इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना माने जा रहे उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू के हॉस्टल के कमरा संख्या 502 की तलाशी ली। इसके बाद टीम ने 2024 बैच के छात्र अवधेश कुमार के कमरा संख्या 110 को भी खंगाला। उज्ज्वल फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जबकि उसका मौसेरा भाई अमन कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है।

VIMS हॉस्टल छापेमारी में मिले अहम सबूत

विम्स (VIMS) के अधीक्षक डॉ. जैकी जमा ने पुलिस छापेमारी की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस जांच के सिलसिले में कॉलेज पहुंची थी। कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित टीम की मौजूदगी में दोनों छात्रों के कमरों की सघन तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई है। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से छापेमारी की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस को कमरों से कुछ परिचय पत्र (आईडी कार्ड) भी बरामद हुए हैं।

10 छात्र पुलिस के रडार पर

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। तीन मेडिकल कॉलेजों के 10 छात्र अब पुलिस के रडार पर हैं। जांच एजेंसियां उनसे जुड़े इनपुट जुटाने में लगी हैं। माना जा रहा है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

NEET सॉल्वर गैंग का खुलासा

NEET परीक्षा से पहले बिहार पुलिस ने एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा किया था, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था। इस गिरोह का मास्टरमाइंड विम्स मेडिकल कॉलेज का एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार बताया गया था।पुलिस के अनुसार, सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी इस नेटवर्क में शामिल था। पुलिस ने अवधेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हर्षराज अब भी फरार चल रहा है।

Updated on:
14 May 2026 07:58 am
Published on:
14 May 2026 07:58 am
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