पटना

NEET छात्रा केस में 5 संदिग्ध युवक, लेकिन स्पर्म किसका? 17 घंटे का CCTV फूटेज अब भी गायब

NEET Student Rape-Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में FSL की रिपोर्ट ने जांच को दोषियों के बहुत करीब पहुंचा दिया है। स्पर्म की उम्र पता चलने के बाद, सारा शक उन पांच युवा संदिग्धों पर चला गया है जो पीड़िता के बहुत करीब थे।
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Jan 30, 2026
NEET Student Rape-Death Case | पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर खड़ी पुलिस (फ़ोटो- पत्रिका)

NEET Student Rape-Death Case: बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET एग्जाम की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत अब राज्य की सबसे सेंसिटिव क्रिमिनल जांच में से एक बन गई है। CID, SIT और FSL की संयुक्त जांच के बाद यह केस अब निर्णायक मोड़ पर खड़ा दिख रहा है। लेकिन, अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर किसका स्पर्म मिला था? और घटना से जुड़ा 17 घंटे का CCTV फुटेज कहां गायब हो गया है?

FSL रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदल दी

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में कहा गया था कि छात्रा के अंडरगारमेंट्स पर मेल स्पर्म मिला, जिसकी क्वालिटी 18 से 21 वर्ष के किसी लड़के की है। इस खुलासे के बाद, SIT ने अपनी जांच का दायरा छोटा कर दिया और इस उम्र के उन लड़कों पर फोकस किया जिनका स्टूडेंट या हॉस्टल से डायरेक्ट या इनडायरेक्ट कनेक्शन था। अब तक ऐसे पांच लड़कों की पहचान सस्पेक्ट के तौर पर हुई है।

दो संदिग्ध लड़कों का शंभू गर्ल्स हॉस्टल से कनेक्शन

जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, दो सस्पेक्ट सीधे शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े हैं। एक हॉस्टल संचालक का बेटा है, जबकि दूसरा कथित तौर पर हॉस्टल के बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन का बेटा है, जो अभी जेल में बंद एक आरोपी है। हॉस्टल में और उसके आसपास उनकी हरकतों, घटना वाली रात उनकी मौजूदगी, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल एक्टिविटी की अच्छी तरह से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां ​​यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ये लड़के घटना के समय हॉस्टल परिसर में थे।

जहानाबाद के दो संदिग्ध

SIT के मुताबिक, दो और संदिग्ध युवक जहानाबाद जिले के हैं और पहले से छात्रा के संपर्क में थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक युवक स्टूडेंट का करीबी दोस्त है, जबकि दूसरा रिश्तेदार है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि स्टूडेंट इन युवकों के कितने संपर्क में थी और क्या घटना से पहले यह संपर्क अचानक बढ़ गया था।

CID की गाइडलाइंस के मुताबिक, SIT अब उस समय पर फोकस कर रही है जब स्टूडेंट 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक जहानाबाद में अपने घर पर थी। जांच में यह देखा जा रहा है कि स्टूडेंट कहां गई, किससे मिली, उसकी मेंटल हालत कैसी थी और क्या इस दौरान उसके व्यवहार में कोई अजीब बदलाव आया था। गांव के चौकीदार, पड़ोसियों और करीबी रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ की जा रही है। स्टूडेंट की मोबाइल सर्च हिस्ट्री और कॉल डिटेल्स की भी अच्छी तरह से जांच की जा रही है।

17 घंटे की CCTV फुटेज सबसे बड़ी मिस्ट्री

जांच का सबसे अहम समय 5 जनवरी रात 9:30 बजे से 6 जनवरी दोपहर 2:00 बजे तक माना जा रहा है। यह 17 घंटे का समय है जिसका CCTV फुटेज अभी तक रिकवर नहीं हुआ है। स्टूडेंट के कमरे के बाहर कैमरा न होना, DVR से छेड़छाड़ की संभावना और फुटेज का गायब होना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। DVR की अब फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फुटेज डिलीट की गई थी या जानबूझकर छिपाई गई थी।

DNA मैचिंग और टावर डंप डेटा से सच सामने आएगा?

SIT अब सभी संदिग्ध युवकों के DNA सैंपल का FSL में मिले बायोलॉजिकल सबूतों से मिलान करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही हॉस्टल इलाके से मोबाइल टावर डंप डेटा का भी एनालिसिस किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना वाली रात इलाके में 18 से 21 साल के कौन-कौन से युवक मौजूद थे। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि DNA रिपोर्ट का डिजिटल सबूतों से मिलान करने पर मामला काफी हद तक साफ हो जाएगा।

पुलिस हेडक्वार्टर में हलचल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हेडक्वार्टर में लगातार रिव्यू मीटिंग हो रही हैं। DGP विनय कुमार ने खुद मामले की प्रोग्रेस का रिव्यू किया। मीटिंग में DG कुंदन कृष्णन, पटना IG, SSP, ASP और SIT के हेड समेत कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे। DGP ने जांच पूरी तरह साइंटिफिक आधार पर करने और किसी भी लेवल पर कोई लापरवाही न करने के सख्त निर्देश दिए।

Updated on:
30 Jan 2026 04:41 pm
Published on:
30 Jan 2026 04:41 pm
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