
सांसद पप्पू यादव। (Photo- IANS)
Patna Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच कंप्लीट होने से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस केस को लेकर एक वीडियो जारी कर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि छात्रा के साथ तीन लड़कों ने गैंगरेप किया, जबकि कुल मिलाकर पांच लोग इस पूरे घटनाक्रम में शामिल थे। पप्पू यादव का कहना है कि पुलिस और प्रशासन ने शुरू से ही इस मामले को दबाने की कोशिश की और रसूखदारों को बचाने का काम किया गया।
पप्पू यादव ने सीधे तौर पर दावा किया कि इस अपराध में 5 लड़के शामिल थे, जिनमें से 3 लड़कों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया है। सांसद ने पुलिस को चुनौती देते हुए पूछा कि उन 5 लड़कों की पहचान अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर मुख्य आरोपियों को बचा रही है और केस को डाइवर्ट करने के लिए परिजनों को ही मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
पप्पू यादव ने वर्दी की आड़ में रसूखदारों को संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी घटना के बाद हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को आखिर किसके फोन पर और किन परिस्थितियों में थाने से पीआर (PR) बॉन्ड पर छोड़ा गया? उन्होंने एएसपी और इंस्पेक्टर की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पूछा कि क्या मनीष रंजन के साथ इन अधिकारियों के पुराने 'धंधे' के रिश्ते थे? सांसद ने आरोप लगाया कि मनीष रंजन जैसे लोग रसूखदारों और पुलिस पदाधिकारियों को लड़कियां पहुंचाने का काम करते थे, जिसके बदले उन्हें कानून से सुरक्षा मिलती रही है।
सांसद ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के तुरंत बाद नीलू अग्रवाल के जरिए छात्रा के कपड़े धुलवाए गए ताकि फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। उन्होंने इस पूरे मामले को पैसे और पावर का एक बड़ा सिंडिकेट बताया। पप्पू यादव का दावा है कि मनीष रंजन कई वर्तमान एमएलए, एमपी और मंत्रियों का पैसा अपने बिजनेस में लगाए हुए है। उन्होंने बुद्धा डेंटल कॉलेज जैसे संस्थानों में नेताओं के निवेश की गहन जांच की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि इस अपराध के तार कहाँ-कहाँ तक जुड़े हैं।
सांसद ने मामले में एक नया और सनसनीखेज पहलू जोड़ते हुए कहा कि 1 जनवरी को शहर के हॉस्टल में केवल 10-20% लड़कियां ही मौजूद थीं, जबकि पटना के लगभग सभी होटल फुल थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि 31 दिसंबर की रात से 1 जनवरी तक पटना के होटलों में ठहरे हुए लोगों की सूची निकाली जाए। उनके अनुसार, उस रात होटलों में रसूखदारों और रईसजादों का जमघट लगा था, जिसका इस केस से गहरा संबंध हो सकता है।
पुलिस द्वारा लड़की के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) का हवाला देकर उसे 'गलत' साबित करने की कोशिश पर पप्पू यादव ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस केस को भटकाने और कातिलों को बचाने के लिए पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठा रही है। उन्होंने पुलिस को चैलेंज किया कि अगर लड़की किसी से बात करती भी थी, तो क्या वह कानूनन उसे बलात्कार या हत्या की अनुमति देता है? उन्होंने कहा कि पुलिस की यह थ्योरी बेहद घिनौनी और अपराधियों को संरक्षण देने वाली है।
Updated on:
29 Jan 2026 04:59 pm
Published on:
29 Jan 2026 04:59 pm
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