पटना

‘मोदी का चेहरा नहीं देखना चाहते थे नीतीश…’ शिवानंद तिवारी ने याद दिलाए पुराने दिन; CM को दी खास सलाह

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर सक्रिय होने के लिए राज्य सभा जा रहे हैं। हालांकि, दिल्ली में उनकी भूमिका क्या होगी, इसे लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे केंद्रीय मंत्री बन सकते हैं। अब इस विषय पर समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने एक लंबी फेसबुक पोस्ट लिखी है।

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Mar 19, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फोटो-ANI)

Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य सभा के सदस्य बनने जा रहे हैं, फिर भी उनके अगले कदम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच, बिहार की राजनीति के दिग्गज और अनुभवी समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने एक लंबी फेसबुक पोस्ट लिखी है। इस पोस्ट में उन्होंने उन अटकलों पर बात की है कि नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर शामिल हो सकते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार क्या भूमिका निभाएंगे, लेकिन चल रही चर्चाओं का स्वरूप कई राजनीतिक और नैतिक बहसों को जन्म देता है।

अपनी पोस्ट में, शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार के केंद्र सरकार में मंत्री बनने की संभावना पर खास तौर पर आपत्ति जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं, तो यह उनके पूरे राजनीतिक करियर का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण फैसला होगा। नीतीश कुमार के साथ अपने दशकों पुराने जुड़ाव का हवाला देते हुए, शिवानंद तिवारी ने उन्हें आगाह किया कि PM मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होना उनकी गरिमा के खिलाफ होगा।

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नीतीश कुमार नहीं देखना चाहते थे मोदी को

शिवानंद तिवारी ने लिखा कि एक समय था जब नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी का चेहरा तक देखना पसंद नहीं करते थे। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे नीतीश ने मोदी की उपस्थिति के कारण भाजपा कार्यकारिणी के सदस्यों के लिए रखा गया भोज तक रद्द कर दिया था। तिवारी ने तंज कसते हुए कहा, 'यदि वह (नीतीश) आज नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्य बनते हैं, तो मोदी जी के लिए इससे बड़ा गौरव और क्या हो सकता है। यह पूरी तरह से मोदी की नैतिक विजय मानी जाएगी।'

एक मोदी पहले से है, दूसरे की क्या जरूरत?

पुराने दिनों को याद करते हुए शिवानंद तिवारी ने लिखा कि नीतीश कुमार ने कभी बिहार के चुनाव प्रचार में नरेंद्र मोदी को कदम नहीं रखने दिया था। तब नीतीश कहा करते थे कि बिहार में एक मोदी (दिवंगत सुशील कुमार मोदी) पहले से मौजूद है, यहां दूसरे मोदी की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में अब उन्हीं मोदी के नीचे मंत्री बनना नीतीश की साख पर सवाल खड़ा करेगा।

गरिमा और पद का सवाल

शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार के कद की याद दिलाते हुए पूछा कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में रहने और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद उनके लिए मोदी सरकार में एक सामान्य मंत्री बनना उचित होगा? उन्होंने लिखा, 'यह सोचकर मन में पीड़ा होती है। इसलिए नहीं कि इससे राजनीति में कोई असंभव घटना घट जाएगी, बल्कि इसलिए कि एक समय नीतीश जी के साथ हमने बहुत निकटता से काम किया है। अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल के सदस्य रहने के बाद और बिहार में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद क्या उनके लिए मोदी मंत्रिमंडल का सदस्य बनना उचित और गरिमापूर्ण होगा?'

नीतीश कुमार को NDA का राष्ट्रीय संयोजक बनाएं

शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार को एक सम्मानजनक विकल्प भी सुझाया। उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी सचमुच नीतीश जी का सम्मान करना चाहते हैं, तो उन्हें NDA का राष्ट्रीय संयोजक (National Convenor) बनाया जाना चाहिए। यह पद उनकी प्रतिष्ठा के अनुकूल होगा और गठबंधन की राजनीति में उनकी भूमिका भी बनी रहेगी।

एक पुराने मित्र की चिंता

शिवानंद तिवारी ने भावुक होते हुए लिखा, 'खैर, हम क्या सोचते हैं या क्या नहीं, इससे नीतीश जी को क्या फर्क पड़ता है! लेकिन उनके साथ पुराने संबंधों को ध्यान में रखते हुए मुझे लगता है कि उन्हें नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होना चाहिए। अब देखना यह है कि राज्य सभा जाने के बाद नीतीश जी क्या निर्णय लेते हैं और उनके आसपास के लोग उन्हें कैसी सलाह देते हैं। यदि वे सचमुच नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल की सदस्यता स्वीकार करते हैं, तो मेरे विचार से वह एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन होगा।'

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