
सांकेतिक तस्वीर (AI Generated)
Bihar News:बिहार के दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र में एक मां पिछले दो महीनों से अपनी नाबालिग बेटी को बचाने की बेताब कोशिश में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। मां ने बताया कि कैसे उसकी 10वीं क्लास में पढ़ने वाली बेटी को पड़ोस में रहने वाले 20 साल का महेश सहनी बहला-फुसलाकर दो बार भगा कर ले गया। मां ने पुलिस पर भी मदद न करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि वह दो महीनों से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
महिला के अनुसार, पहली घटना 2 जनवरी 2026 की रात को हुई थी। रजौली गांव का रहने वाला महेश सहनी अपने दोस्त अरुण के साथ उनके घर आया और झोपड़ी की टाट (दीवार) तोड़कर लड़की को बाहर निकाल लिया। जब तक मां उनका पीछा करने दौड़ी, तब तक आरोपी भाग चुके थे। इसके बाद, परिवार वालों ने लड़की की तलाश शुरू की, लेकिन जब वह नहीं मिली, तो मां ने हायाघाट थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
आठ दिन बाद पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया और थाने में एक रात हिरासत में रखने के बाद, उसे उसकी मां को सौंप दिया गया। मां का आरोप है कि हायाघाट थाने में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) ने उनकी बेटी को वापस करने के बदले कथित तौर पर गाड़ी के तेल के खर्च के नाम पर 3000 रुपये की रिश्वत ली।
रुपये देने के बाद मां को बेटी तो मिल गई, लेकिन 26 जनवरी 2026 को आरोपी महेश एक बार फिर लड़की को लेकर भाग गया। इस बार, वह उसे पंजाब ले गया। मां का आरोप है कि जब उनकी बेटी घर से निकली, तो वह अपने साथ 70,000 रुपये नकद और कीमती जेवर भी ले गई। अब, आरोपी महेश पंजाब से वीडियो भेज रहा है, जिसमें वह चोरी के पैसों से ऐश करता दिख रहा है। इसके अलावा, नाबालिग लड़की की मांग में सिंदूर लगाकर और उसके पैरों में पायल पहनाकर, वह उसे एक शादीशुदा महिला के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है।
नाबालिग की मां के अनुसार, जब महेश दूसरी बार लड़की को लेकर भाग गया और वह शिकायत दर्ज करवाने के लिए पुलिस स्टेशन गई, तो पुलिस ने साफ तौर पर उसकी अर्जी स्वीकार करने से मना कर दिया। पुलिस ने तर्क दिया कि चूंकि लड़की अब पंजाब में है, इसलिए केस वहीं दर्ज किया जाएगा। हालांकि, मां का कहना है कि चूंकि उसकी बेटी का अपहरण उनके घर (दरभंगा में) से हुआ था, इसलिए स्थानीय पुलिस को ही कार्रवाई करनी चाहिए। अब तक, महिला ने SP से तीन बार, और DM तथा DIG से एक-एक बार गुहार लगाई है।
धार्मिक और सामाजिक आधारों का हवाला देते हुए, महिला ने कहा, 'मैं एक मुस्लिम हूं, तो फिर, मैं अपनी नाबालिग बेटी की शादी एक हिंदू लड़के से कैसे करवा सकती हूं? वह 10वीं क्लास की छात्रा है, उसे जो सिखाया जाता है, वह बस वही दोहराती है। पुलिस को मेरी बेटी मुझे सौंप देनी चाहिए थी। इसके बजाय, उन्होंने उसे उसी लड़के को वापस सौंप दिया।'
महिला आगे आरोप लगाती है कि होली से कुछ दिन पहले जब महेश लड़की को अपने घर ले आया था और पुलिस ने बाद में उसे बरामद किया था, तो उसका बयान दर्ज करने और उसे घर भेजने के बजाय, पुलिस ने उसे एक बार फिर महेश के साथ ही छोड़ दिया। इस लापरवाही की वजह से वह लड़की के साथ पंजाब भागने में कामयाब हो गया।
जैसे-जैसे यह मामला बढ़ा, दरभंगा के SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने इस केस का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी नजर में है और फिलहाल इसकी जांच चल रही है। उन्होंने साफ किया कि अगर कोई पुलिसकर्मी रिश्वत लेते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। SSP ने आश्वासन दिया है कि नाबालिग को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
19 Mar 2026 11:36 am
Published on:
19 Mar 2026 11:36 am
