
तालाब किनारे इकट्ठा लोगों की भीड़ और पुलिस
बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भरवाड़ा नगर पंचायत में, एक पति ने अपनी डूबती हुई पत्नी को बचाने की कोशिश में तालाब में छलांग लगा दी। दुख की बात है कि वह न तो अपनी पत्नी को बचा पाया और न ही अपनी जान बचा सका। इस हादसे में पति-पत्नी दोनों की एक साथ मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में मातम छा गया।
गुरुवार की सुबह, जब रमजान के लिए 'सहरी' (सुबह से पहले का भोजन) करने के बाद पूरा गांव शांत हो चुका था, तभी भरवाड़ा नगर पंचायत के 'पनपीही तालाब' के पास मची चीख-पुकार और अफरा-तफरी ने सन्नाटे को तोड़ दिया। भरवाड़ा के वार्ड नंबर 6 के रहने वाले सनाउल्लाह (52) और उनकी पत्नी इशरत परवीन (48) के शव तालाब में तैरते हुए मिले। गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
परिवार वालों के अनुसार, अभी रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। सुबह सहरी के लिए उठने के बाद, इशरत परवीन शौच के लिए घर से निकलकर तालाब की तरफ गई थीं। उनके पति सनाउल्लाह भी कुछ ही देर बाद उनके पीछे-पीछे गए। ऐसा माना जा रहा है कि तालाब के पास इशरत का पैर फिसल गया होगा और वह गलती से गहरे पानी में चली गईं। उन्हें डूबता देख सनाउल्लाह ने आव देखा न ताव और अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए तालाब में कूद पड़े। लेकिन, गहरा पानी उन दोनों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
पुलिस की शुरुआती जांच और गांव वालों के बयानों से इस मामले में एक गंभीर मोड़ आ गया है, जिससे खुदकुशी की आशंका भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इशरत परवीन पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रही थीं।
दरअसल, इस घटना से ठीक करीब 10 दिन पहले भी, इशरत ने इसी तालाब में कूदकर खुदकुशी करने की एक और कोशिश की थी। उस समय, पुलिस की गश्ती टीम और ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें डूबने से बचा लिया था और समझाने के बाद उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया था। परिवार वालों का कहना है कि सनाउल्लाह भी पिछले एक साल से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था, जिसकी वजह से घर में तनाव का माहौल बना हुआ था।
इस घटना का पता सुबह तब चला, जब एक बच्चे ने तालाब में शव को तैरते हुए देखा। बच्चे ने ग्रामीणों को बताया, जिसके बाद हड़कंप मच गया। पति-पत्नी की चप्पलें तालाब के घाट किनारे रखी हुई मिलीं। सूचना मिलते ही गांव वालों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और सिंहवाड़ा के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) बसंत कुमार अपनी टीम के साथ तुरंत वहां पहुंच गए। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया है।
सनाउल्लाह पेशे से बीड़ी बनाने का काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उसे काफी संघर्ष करना पड़ता था। उसका बेटा, इखलाक, घर से दूर रहकर बैग बनाने का काम करता है; अब वह अनाथ हो गया है। वहीं, उसकी बेटी नाज़िया की शादी पांच साल पहले हो चुकी है। माता-पिता दोनों को एक साथ खो देने के गम में बच्चे बेहाल हैं और उन्हें किसी भी तरह से सांत्वना नहीं दी जा पा रही है।
SHO बसंत कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह डूबने का मामला है। हालांकि, महिला द्वारा पहले भी आत्महत्या का प्रयास किए जाने की बात को देखते हुए, आत्महत्या के पहलू की भी गहनता से जांच की जा रही है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।
Published on:
19 Mar 2026 03:33 pm
बड़ी खबरें
View Allदरभंगा
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
