पटना से सटे क्षेत्र में ‘पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस टाउनशिप में 9 प्रखंडों के 275 राजस्व गांव शामिल होंगे।
पटना के स्वरूप में आने वाले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार अब तक की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की तैयारी में जुट गई है, जिसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। पटना के आसपास के नौ प्रखंडों में लगभग 81,000 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली यह टाउनशिप अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। इसे ‘सैटेलाइट सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। दरअसल, यह परियोजना राज्य सरकार की 11 नए शहर बसाने की योजना का अहम हिस्सा है, जो बिहार के शहरीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह टाउनशिप सरकार की योजना के अनुसार विकसित की जाएगी। इस विशाल परियोजना के बीच से आमस–दरभंगा एक्सप्रेसवे गुजरेगा। इसके साथ ही पटना के आसपास बन रहा सिक्स-लेन रिंग रोड भी इस क्षेत्र को आपस में जोड़ेगा। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर कनेक्टिविटी होगी। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस नए शहर में रहने वाले लोगों के लिए राजधानी के मुख्य हिस्सों और अन्य जिलों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।
पटना के पास बनने वाली इस टाउनशिप को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा। यह नया शहर करीब 1,010 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें फिनटेक सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, लॉजिस्टिक हब और ज्यूडिशियल एकेडमी जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप के कोर एरिया में पुनपुन प्रखंड के 12 गांव शामिल होंगे। कोर एरिया के आसपास बिहटा–सरमेरा रोड, प्रस्तावित रेलवे जंक्शन और स्पोर्ट्स सिटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन गांवों में पीपरा, बाजिदपुर, पनवार, नुरुद्दीनपुर, डुमरी, नादपुर खैरी, खापुरा, कलियानपुर बसियावां, पीपरा चक और सिकंदरपुर शामिल हैं।
बिहार कैबिनेट ने 22 अप्रैल को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही 11 टाउनशिप परियोजनाओं के लिए चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इन 11 शहरों को दो समूहों में विभाजित किया है। पहले समूह में पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर शामिल हैं। इन शहरों के लिए मास्टर प्लान 31 मार्च 2027 तक अधिसूचित किया जाएगा। दूसरे समूह में मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीतापुरम क्षेत्र को शामिल किया गया है। इनके लिए आयोजना क्षेत्र के विस्तार के साथ मास्टर प्लान को 30 जून 2027 तक अधिसूचित करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस बात की जानकारी नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने दी।
पटना - पाटलिपुत्र
दरभंगा - मिथिला
सहरसा - कोसी
पूर्णिया - पूर्णिया
गया - मगध
मुंगेर - अंग
मुजफ्फरपुर- तिरहुत
भागलपुर - विक्रमशिला
छपरा - सारण
सीतामढ़ी - सीतापुरम
सोनपुर -हरिहरनाथ पुरम