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बिहार फ्लोर टेस्ट: सम्राट के साथ तेजस्वी का भी शक्ति परीक्षण, RJD विधायक फैसल रहमान पर टिकी सबकी नजरें

बिहार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट को लेकर सरकार से ज्यादा चर्चा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की हो रही है। 25 विधायकों की एकजुटता बनाए रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

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Tejashwi Yadav

तेजस्वी यादव (फोटो- एएनआई)

बिहार विधानसभा में आज सम्राट चौधरी सरकार का शक्ति परीक्षण होने जा रहा है। हालांकि, सदन में इस फ्लोर टेस्ट से ज्यादा चर्चा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर हो रही है। भाजपा नेता मनीष झा का कहना है कि यह फ्लोर टेस्ट केवल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार का नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए भी अहम है। उनके अनुसार, यह परीक्षा सरकार से ज्यादा तेजस्वी यादव के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एनडीए के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 201 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। बावजूद इसके, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि राजद (RJD) का एक भी विधायक इस बार पार्टी से अलग होता है, तो बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

तेजस्वी यादव के लिए निर्णायक परीक्षा

बिहार विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट और भारी बहुमत होने के कारण सम्राट चौधरी सरकार का शक्ति परीक्षण में सफल होना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन सदन में असली नजरें Tejashwi Yadav के नेतृत्व में RJD के सभी विधायकों की एकजुटता पर टिकी हुई हैं। यदि RJD इस एकजुटता को बनाए रखने में सफल रहती है, तो तेजस्वी यह दावा कर सकते हैं कि उन्होंने पार्टी में अनुशासन कायम रखा है। वहीं, अगर एक भी विधायक टूटता है, तो उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी कुर्सी पर भी संकट पैदा हो सकता है। नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए कम से कम 25 विधायकों का समर्थन आवश्यक होता है और RJD के पास फिलहाल 25 विधायक ही हैं। ऐसे में यदि एक भी विधायक साथ छोड़ता है, तो तेजस्वी यादव की नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा सकता है।

राज्य सभा चुनाव में तेजस्वी को लगा था झटका

राज्य सभा चुनाव में RJD के विधायक फैसल रहमान ने तेजस्वी यादव का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। इससे RJD प्रत्याशी अमरेंद्र सिंह धारी को बड़ा झटका लगा था। हालांकि, सिर्फ RJD ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के तीन विधायक भी इस वोटिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए थे।क्यों सबकी नजर तेजस्वी पर ?

पिछले अनुभवों ने बढ़ाई चिंता

12 फरवरी 2024 के पिछले फ्लोर टेस्ट के दौरान Tejashwi Yadav के साथ भी बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला था। उस समय उन्होंने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा था कि “खेला होबे”, लेकिन वास्तविकता में खेल RJD के साथ ही हो गया। इस दौरान RJD के कई विधायकों ने पाला बदलकर NDA खेमे का रुख कर लिया था। इससे न केवल सरकार गिराने की कोशिश नाकाम हुई, बल्कि महागठबंधन की राजनीतिक साख को भी गहरा झटका लगा था।

महागठबंधन में विधायकों की संख्या
आरजेडी 25
कांग्रेस 6
सीपीआईएमएल 2
सीपीआईएम 1
आईआईपी 1
कुल 35