पटना

पटना सिविल कोर्ट को बम से कौन उड़ाना चाहता है? 5 दिन में तीसरी बार मिली धमकी

पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बीते 5 दिनों में मिली ये ऐसी तीसरी धमकी। कोर्ट परिसर खाली करा दिया गया है। पुलिस तलाशी ले रही है। 
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Feb 12, 2026
पटना सिविल कोर्ट
पटना सिविल कोर्ट (फाइल फोटो)

राजधानी पटना में न्याय व्यवस्था एक बार फिर दहशत में है। पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को एक और बम की धमकी मिली। 9 और 11 फरवरी के ईमेल के बाद, 12 फरवरी को एक नए ईमेल ने पुलिस और प्रशासन को चौंका दिया। मैसेज मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां ​​हरकत में आईं और एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराना शुरू कर दिया। पीरबहोर थाने से एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम स्क्वॉड को अलर्ट किया गया है और पूरी तलाशी ली जा रही है। आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।

बार-बार मिल रही धमकियां

पटना सिविल कोर्ट को बार-बार बम की धमकी मिल रही है। पिछले 5 दिनों में तीन बार और इस साल अब तक कोर्ट को सात या आठ बार बम से उड़ाने की भयानक धमकी मिल चुकी है। बार-बार मिल रही इन धमकियों से न केवल वकीलों और जजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, बल्कि न्यायिक काम में भी रुकावट आई है।

कोर्ट में एंट्री पर फिलहाल रोक

अधिकारियों का कहना है कि जब तक तलाशी अभियान पूरा नहीं हो जाता, तब तक सामान्य कामकाज फिर से शुरू करना जोखिम भरा होगा। इसलिए, फिलहाल एंट्री पर रोक है। टाउन DSP राजेश रंजन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोशिश है कि कोर्ट के काम में ज्यादा रुकावट न आए, लेकिन सिक्योरिटी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

पूरी बिल्डिंग को उड़ाने का किया था दावा

इससे पहले, बुधवार, 11 फरवरी को एक ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी बिल्डिंग को उड़ा दिया जाएगा। इस जानकारी के तुरंत बाद, पीरबहोर पुलिस स्टेशन, डॉग स्क्वायड और बम डिस्पोजल स्क्वायड ने पूरे परिसर को घेर लिया और एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया।

धमकियां कौन दे रहा है?

सिक्योरिटी एजेंसियां ​​और साइबर सेल अब तक इस रहस्य को पूरी तरह से सुलझाने में नाकाम रही हैं, लेकिन जांच में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। नई धमकियां sunniya_dassan@outlook.com नाम की ईमेल ID से भेजी गई थीं। इससे पहले, ttv.dinakaran@outlook.com का भी इस्तेमाल किया गया था।

ईमेल भेजने वाले ने खुद को बैन संगठन LTTE का पुराना सदस्य बताया और "पाकिस्तान-कनमोझी जिन्दाबाद" जैसे भड़काऊ नारे लिखे। इसमें तमिलनाडु के कुछ पुलिस अधिकारियों के प्रति नाराजगी और कश्मीरी अलगाववादियों के प्रति समर्थन भी जताया गया।

पुलिस क्या कहती है

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, ATS और साइबर सेल की टीमें ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट से जानकारी मांगी गई है, लेकिन विदेशी सर्वर या डार्क वेब के इस्तेमाल से पहचान में देरी हो रही है।

MP पप्पू यादव की पेशी पर सस्पेंस

इन धमकियों का न्यायिक कार्यवाही पर बड़ा असर पड़ रहा है। पूर्णिया के MP पप्पू यादव को आज (12 फरवरी) कोर्ट में पेश होना था, लेकिन सिक्योरिटी चेक के कारण अब यह अनिश्चित है। पप्पू यादव की बेल की सुनवाई पहले भी इसी तरह की धमकियों के कारण टाल दी गई थी। उनके वकील शिवनंदन भारती ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके क्लाइंट को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और सुरक्षा के नाम पर न्यायिक प्रक्रिया को तमाशा बना दिया गया है।

वकीलों का गुस्सा

इन बार-बार मिलने वाली धमकी से वकीलों और केस लड़ने वालों में बहुत नाराजगी है। वे सवाल करते हैं कि पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में नाकाम क्यों हो रही है। इन घटनाओं से हजारों मामलों में देरी हो रही है, जिससे न्याय व्यवस्था पर दबाव पड़ रहा है।

Updated on:
12 Feb 2026 09:52 am
Published on:
12 Feb 2026 09:36 am