शंभू हॉस्टल कांड: SIT की टीम दस्तावेज चरणबद्ध तरीके से सौंप रही है, जिससे जांच पूरी होने में और समय लग सकता है।
पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल की छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले की जांच कर रही एम्स के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने रिपोर्ट में देरी को लेकर एसआईटी पर सवाल खड़ा कर दिया है। डॉ. विनय कुमार के अनुसार एम्स के निदेशक और अधीक्षक
के निर्देश पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसके लिए एक विशेषज्ञ टीम का भी गठन कर दिया गया है। लेकिन टीम को SIT की ओर से पूरा दस्तावेज नहीं देने की वजह से जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई है। दरअसल, एसआईटी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एम्स को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित कुछ जरूरी दस्तावेज सौंपे हैं। जिनको फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। लेकिन, एम्स को जांच के लिए कागज देर से मिलने की वजह से जांच पूरी तरह से प्रभावित हो रही है।
डॉ. विनय कुमार का कहना है कि एम्स द्वारा गठित टीम में कुल 5 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। इसमें टीम का नेतृत्व मैं स्वयं कर रहा हूं।इसके साथ ही टीम में फॉरेंसिक विभाग के दो विशेषज्ञ, गायनाकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और रेडियोलॉजी विभाग के एक-एक सीनियर डॉक्टर शामिल हैं। डॉ. विनय कुमार का कहना है कि “मेडिकल जांच पूरी तरह समय और दस्तावेजों पर आधारित होती है, अगर रिकॉर्ड देर से मिलेगा तो रिव्यू प्रक्रिया में बाधा पड़ेगी। जब तक सभी दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं हो जाती किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी संभव नहीं है।”
SIT की टीम दस्तावेज चरणबद्ध तरीके से सौंप रही है, जिससे जांच पूरी होने में और समय लग सकता है। डॉक्टरों के इस बयान के बाद जांच पर सवाल खड़ा होने लगे हैं। इससे पहले दवा दुकानदार से पूछताछ के बाद गलत बयानबाजी और फिर पीड़िता की दोस्त से लंबी पूछताछ को लेकर एसआईटी निशाने पर है। इस बीच एम्स के डॉक्टरों ने कहा कि जांच के लिए जरूरी कागज समय पर एसआईटी नहीं दे रही है। इसकी वजह से जांच में देरी हो रही है। पूरे जांच पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।