पटना हाई कोर्ट ने चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
पटना हाई कोर्ट ने गुरूवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा, विधायक चेतन आनंद और गोह से आरजेडी विधायक अमरेंद्र प्रसाद समेत 42 विधायकों के खिलाफ नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। इन सभी पर चुनाव के दौरान वोट चोरी करने और नॉमिनेशन में अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के गंभीर आरोप है। इन सभी के खिलाफ संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में इनसे चुनाव हारे प्रत्याशियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इसपर सुनवाई करते आज बिहार विधान सभा के 42 सदस्यों के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ये लोग चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता बरती है। इसके साथ ही इन लोगों ने अपने नामांकन के समय दाखिल किए गए शपथपत्र में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया है या गलत जानकारी दी गई। इनके आवेदन पर कोर्ट ने गुरुवार को इन याचिकाओं पर प्रारंभिक सुनवाई शुरू करते हुए संबंधित विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब अदालत में दाखिल किए जाने वाले जवाब, साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे की सुनवाई होगी। इस मामले पर कोई भी विधायक कुछ भी बोलने से परहेज करते दिखे। अधिकांश विधायकों ने कहा कि कोर्ट का मामला है इसका जवाब भी कोर्ट में ही देंगे। अभी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलना ठीक नहीं है।
बिहार विधानसभा के चुनाव का नतीजा 14 नवंबर 2025 को घोषित हुए थे। इस चुनाव में NDA को बंपर जीत मिली। चुनाव परिणाम आने के कुछ हारने वाले प्रत्याशियों ने कथित अनियमितताओं का आरोप लगाकर पटना हाईकोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने सभी विधायकों से जवाब दाखिल करने को कहा है। इनपर अगर सिद्ध होते हैं, तो कई विधायकों की सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।