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PUSU Election 2026: चुनावी मैदान में 100 से अधिक प्रत्याशी, ABVP और छात्र JDU के बीच अध्यक्ष पद की कड़ी टक्कर

पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन चुनाव के नॉमिनेशन के आखिरी दिन अशोक राजपथ पर स्टूडेंट पॉलिटिकल माहौल पूरी तरह से गरमा गया। प्रदर्शन, हंगामा और हॉस्टल में आधी रात को पुलिस की रेड ने चुनाव के माहौल को और गरमा दिया।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 19, 2026

pusu election 2026

चुनाव प्रचार और नामांकन के दौरान छात्र संघ प्रत्याशी (फोटो- सोशल मीडिया)

PUSU Election 2026: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है। नामांकन के अंतिम दिन कैंपस में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। सेंट्रल पैनल और कॉलेज काउंसलर पदों को मिलाकर 100 से अधिक उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया है। सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा। अशोक राजपथ का इलाका जुलूस, नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन से दिनभर गुलजार रहा।

नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होते ही कैंपस 'इंकलाब' और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा। 28 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने सबसे मजबूत चेहरों को रणभूमि में उतार दिया है। अध्यक्ष पद के लिए कुल 16 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है, जिसमें मुख्य मुकाबला ABVP की अनुष्का कुमारी और छात्र जदयू के प्रिंस कुमार के बीच माना जा रहा है।

सेंट्रल पैनल के लिए 50, काउंसलर के लिए 54 नामांकन

निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार सेंट्रल पैनल के विभिन्न पदों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के लिए कुल 50 उम्मीदवारों ने नामांकन किया। वहीं कॉलेज काउंसलर पद के लिए 54 नामांकन पत्र जमा हुए। आज इन नॉमिनेशन की स्क्रूटनी होगी। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। किसी भी आपत्ति के लिए 20 फरवरी को ग्रिवांस सेल में सुनवाई का प्रावधान रखा गया है। अंतिम सूची 21 फरवरी को जारी होगी और 28 फरवरी को मतदान के साथ उसी दिन शाम 4:30 बजे से मतगणना शुरू होगी।

सेंट्रल पैनल के किस पद पर कितने उम्मीदवार

  • अध्यक्ष (President) - 16
  • उपाध्यक्ष (Vice President) - 09
  • महासचिव (General Secretary) - 09
  • कोषाध्यक्ष (Treasurer) - 08
  • संयुक्त सचिव (Joint Secretary) - 08

अध्यक्ष पद की लड़ाई

इस बार सबसे ज्यादा चर्चा अध्यक्ष पद को लेकर है। एबीवीपी ने इस बार महिला कार्ड खेलते हुए पटना वीमेंस कॉलेज (PWC) की अनुष्का कुमारी पर दांव लगाया है। अनुष्का की उम्मीदवारी से वीमेंस कॉलेज के बड़े वोट बैंक पर परिषद की नजर है। जबकि मीकहीमन्त्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के छात्र संगठन ने पटना लॉ कॉलेज के प्रिंस कुमार को उम्मीदवार बनाया है। लॉ कॉलेज के छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहते हैं, जिससे प्रिंस को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

दोनों उम्मीदवार अपने-अपने संगठनों के मजबूत चेहरे माने जा रहे हैं। अनुष्का महिला मतदाताओं और शैक्षणिक मुद्दों पर फोकस कर रही हैं, वहीं प्रिंस लॉ कॉलेज और पेशेवर पाठ्यक्रमों के छात्रों के बीच सक्रिय कैंपेन चला रहे हैं। इसके अलावा वामपंथी छात्र संगठन ने अंग्रेजी विभाग की सबा आफरीन को मैदान में उतारा है। अन्य संगठनों की ओर से भी अध्यक्ष पद के लिए कई उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। हालांकि मुख्य लड़ाई अनुष्का और प्रिंस के बीच सिमटती दिख रही है।

अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की सूची

  • अनुष्का कुमारी (पटना वीमेंस कॉलेज) - ABVP प्रत्याशी
  • प्रिंस कुमार (पटना लॉ कॉलेज) - छात्र जदयू प्रत्याशी
  • सबा आफरीन (डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश) - आइसा प्रत्याशी
  • दिव्या कुमारी (पटना कॉलेज) - AIDSO प्रत्याशी
  • शिव कुमार (पटना कॉलेज)
  • अंचल कुमार (पटना लॉ कॉलेज)
  • संटू कुमार (पटना कॉलेज)
  • शांतनु शेखर (डिपार्टमेंट ऑफ स्टैटिस्टिक्स)
  • गीता कुमारी (पटना सायंस कॉलेज)
  • रिंकल यादव (दर्शनशास्त्र विभाग)
  • अभिषेक कुमार (हिंदी विभाग)
  • अश्विन रंजन (मैथिली विभाग)
  • आयुष कुमार (वाणिज्य महाविद्यालय)
  • श्रुति कुमारी (पटना वीमेंस कॉलेज)
  • सुदर्शन कुमार (भूगोल विभाग)

छात्र संगठनों की रणनीति

एबीवीपी और छात्र जदयू ने सेंट्रल पैनल के पांचों पदों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं आइसा और एआइडीएसओ ने भी प्रमुख पदों पर उम्मीदवार घोषित कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है। आइसा ने अध्यक्ष पद पर सबा आफरीन को उतारा है, जबकि एआइडीएसओ ने भी अपना पैनल पेश किया है।

छात्र संगठनों की रणनीति इस बार मुद्दा आधारित दिखाई दे रही है हॉस्टल सुविधाएं, लाइब्रेरी टाइमिंग, परीक्षा परिणाम में देरी, प्लेसमेंट सेल की सक्रियता और महिला सुरक्षा प्रमुख एजेंडा हैं। साथ ही कैंपस में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और बाहरी दखल को भी चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है।

उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार

  • अंजलि पटेल -इतिहास विभाग
  • सुमन शेखर - पटना लॉ कॉलेज
  • नंदनी सिंह - फिलॉस्फी विभाग
  • आयुष हर्ष - अप्लाईड इकोनॉमिक्स एंड कॉमर्स
  • विवेक कुमार - पटना लॉ कॉलेज
  • सैयद जैद अहमद - पीएमआईआर (PMIR) विभाग
  • गुंजेश कुमार - गणित विभाग
  • शिफत फैज - पटना वीमेंस कॉलेज
  • आदित्य राज - पीएमआईआर (PMIR) विभाग

नामांकन के दौरान विवाद

नामांकन के अंतिम दिन विश्वविद्यालय परिसर में भारी गहमागहमी रही। गाड़ियों के लंबे काफिले और हजारों समर्थकों के साथ उम्मीदवार सीनेट हॉल पहुँचे। इसी दौरान एक छात्र संगठन के भीतर ही अध्यक्ष पद के लिए तीन दावेदारों के पर्चा दाखिल करने से विवाद की स्थिति बन गई। समर्थकों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। हालांकि वरिष्ठ छात्रों और प्रशासनिक हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।

कुछ उम्मीदवार चमचमाती गाड़ियों और समर्थकों के लंबे काफिले के साथ पहुंचे, जबकि कुछ संगठनों ने सादगी से पैदल मार्च कर नामांकन किया। शक्ति प्रदर्शन ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया।

पुलिस की सख्ती और छापेमारी

छात्र संघ चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए प्रशासन भी सक्रिय है। सिटी एसपी के निर्देश पर विश्वविद्यालय के छात्रावासों में छापेमारी की गई। इस दौरान कुछ छात्रों को नशे की हालत में पकड़ा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चुनाव में किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला कॉलेज परिसर में एक छात्र संगठन की ओर से घुसकर नारेबाजी करने का मामला भी सामने आया है। प्रशासन ने वीडियो क्लिप के आधार पर जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर नामांकन रद्द करने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

क्या कहता है चुनावी गणित?

पिछले वर्षों के मतदान रुझानों को देखें तो लॉ कॉलेज, साइंस कॉलेज और वीमेंस कॉलेज का वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है। इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे मुकाबला और रोचक हो सकता है।