
पटना हॉस्टल कांड (फोटो- Rohini Acharya X)
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की कथित रेप और मौत मामले की जांच अब सीबीआई की पटना इकाई अपने स्तर से करेगी। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने के बाद केस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलें स्टडी के लिए दिल्ली ले गई है। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में नीट छात्रा से हुई दरिंदगी मामले की बिहार सरकार ने 31 जनवरी को जांच सीबीआई से करने का आग्रह किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय से इसकी मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने इसकी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में सीबीआई चित्रगुप्त नगर थाना दर्ज रिपोर्ट और घटना स्थल पर जाकर पूरे मामले की जांच कर सकती है। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सबसे पहले केंद्रीय एंजेसी बिहार पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का संकलन करेगी, उनका अध्ययन करेगी।
जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा छह जनवरी को कंकड़बाग स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी, जिसके बाद उसे आनन फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई थी। पटना के चित्रगुप्त नगर थाना में इसको लेकर 09 जनवरी एक मामला दर्ज किया गया था। जिसके आलोक में पटना पुलिस पहले उसकी आत्महत्या मान कर जांच कर रही थी। लेकिन, 15 जनवरी को जारी पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका के बाद पुलिस ने नए तरीके से इसकी जांच शुरू की। पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर 10 से अधिक जख्म के निशान की चर्चा की गई गई। इसके बाद ही पटना पुलिस की जांच की दिशा बदल गयी। पुलिस ने तत्काल गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पटना आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर पटना से लेकर जहानाबाद तक जांच शुरू की गयी।
जांच की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की 24 जनवरी को रिपोर्ट में छात्रा के अंत:वस्त्र में मानव वीर्य(स्पर्म ) की पुष्टि पर विवाद बढ़ गया। आत्म हत्या को बताकर मामले को रफा-दफा करने का आरोप झेल रही पटना पुलिस ने जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में पटना के एसएसपी ने चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत को निलंबित कर दिया था। लेकिन, एसआईटी की जांच पर पीड़िता के परिजन निरंतर सवाल खड़ा करते रहे। परिजनों ने बिहार के डीजीपी पर आरोप लगाया कि वे पूरे मामले को रफा दफा करने का दबाव बना रहे हैं। परिजनों के इस आरोप के बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया।
Published on:
12 Feb 2026 05:36 pm
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