19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajya Sabha Election: ओवैसी की पार्टी ने बिगाड़ा तेजस्वी का गणित? प्रदेश अध्यक्ष ने बताया AIMIM किसे देगी समर्थन

राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब तक माना जा रहा था कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के पांच MLA किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के एक बयान ने पासा पलट दिया है।

3 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Feb 19, 2026

rajya sabha election, AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान

AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान (फोटो- X @Akhtaruliman5)

Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। जहां सत्ताधारी NDA पांच में से चार सीटों पर मजबूत स्थिति में दिख रही है, वहीं पांचवीं सीट के लिए महागठबंधन की उम्मीदें AIMIM पर टिकी थीं। माना जा रहा था कि ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पांच विधायक इस सीट पर किंगमेकर साबित हो सकते हैं। लेकिन अब AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के एक बयान ने विपक्ष का गणित उलझा दिया है।

हम सिर्फ सपोर्ट देने के लिए नहीं बने

गुरुवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए अख्तरुल ईमान ने साफ कहा कि AIMIM सिर्फ दूसरों को सपोर्ट देने के लिए नहीं बनी है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "RJD के सदस्य AIMIM को सपोर्ट क्यों नहीं करते? राज्यसभा में उनका प्रतिनिधित्व है, जबकि हमारा कोई नहीं है। क्या हम सिर्फ दूसरों को जिताने में मदद करने के लिए बने हैं?"

ईमान ने प्रस्ताव दिया कि अगर विपक्ष सच में BJP को रोकना चाहता है, तो उन्हें संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर AIMIM उम्मीदवार का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि सपोर्ट मांगने से पहले महागठबंधन को AIMIM की अहमियत समझनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर कोई सरकार के खिलाफ लड़ना चाहता है और दलितों और वंचितों की आवाज उठाना चाहता है, तो उसे AIMIM को सपोर्ट करना चाहिए।"

क्या AIMIM अपना कैंडिडेट उतारेगी?

अख्तरुल इमान ने यह भी इशारा किया कि पार्टी राज्यसभा के लिए अपना कैंडिडेट उतार सकती है। उन्होंने कहा कि AIMIM को भी संसद के ऊपरी सदन में अपना रिप्रेजेंटेटिव रखने का हक है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी खेमे में यह बात चल रही है कि AIMIM के सपोर्ट से महागठबंधन पांचवीं सीट पर उम्मीदवार उतार सकता है।

विधायक मुर्शीद आलम ने भी दोहराई बात

जोकीहाट से AIMIM विधायक मुर्शिद आलम ने भी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि AIMIM फिलहाल किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर महागठबंधन हमसे समर्थन मांगेगा तो हम शर्तों के साथ समर्थन देने पर विचार करेंगे।” इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि AIMIM अपनी राजनीतिक कीमत बढ़ाने की रणनीति पर चल रही है।

तेजस्वी के लिए बढ़ी चुनौती

बिहार विधानसभा में महागठबंधन की ताकत सीमित है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई वाले महागठबंधन के पास अपने दम पर एक भी राज्यसभा सीट जीतने के लिए जरूरी नंबर नहीं हैं। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं, ऐसे में AIMIM के पांच MLA और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एक MLA का सपोर्ट बहुत अहम माना जा रहा था। हालांकि, AIMIM के नए रुख से साफ है कि पार्टी बिना पॉलिटिकल हिस्सेदारी के सपोर्ट देने को तैयार नहीं है। इससे महागठबंधन का गणित कमजोर होता दिख रहा है।

विपक्ष के सामने क्या विकल्प?

अगर AIMIM अपना उम्मीदवार उतारती है, तो विपक्षी वोटों में बिखराव तय माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, लेकिन विपक्ष की जीत की संभावना कम हो जाएगी।

एनडीए की नजर भी समीकरण पर

सत्तारूढ़ एनडीए पहले से ही चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है। यदि विपक्ष एकजुट नहीं होता, तो पांचवीं सीट पर भी एनडीए को फायदा मिल सकता है। ऐसे में AIMIM का फैसला सीधे तौर पर चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

किस पार्टी के कितने विधायक

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP) - 89
  • जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) - 85
  • चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJPR) - 19
  • जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) (HAM-S) - 05
  • उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) - 04
  • राष्ट्रीय जनता दल (RJD) - 25
  • इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) - 06
  • CPI (ML) Liberation - 02
  • CPI (M) - 01
  • आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) - 01
  • AIMIM (ओवैसी की पार्टी) - 05
  • बहुजन समाज पार्टी (BSP) - 01
  • कुल सीटें - 243