Patna Metro: पटना मेट्रो जल्द ही चलेगी, शुरुआत में पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ तक। भगवा रंग की यह खूबसूरत मेट्रो ट्रेन बिहार की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित करेगी और शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी।
Patna Metro: पटना में आधुनिक परिवहन का सपना अब सच होने जा रहा है। राजधानी में पहली बार मेट्रो ट्रेन दौड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) के अधिकारियों ने बताया है कि शुरुआत में मेट्रो ट्रेन पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ तक चलेगी। रोजाना सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक कुल 14 घंटे सेवा उपलब्ध रहेगी। यह सुविधा शहरवासियों को न केवल तेज़ और सुरक्षित यात्रा का विकल्प देगी, बल्कि पटना की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान भी बनेगी।
फिलहाल ट्रायल रन शुरू हो चुका है, जो रविवार से एलिवेटेड ट्रैक पर चल रहा है। इस ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिरता, सुरक्षा उपाय, बिजली आपूर्ति प्रणाली, सिस्टम इंटीग्रेशन और डायनेमिक ट्रायल जैसे जरूरी परीक्षण पूरे किए गए हैं। तकनीकी जांच के अंतिम चरण में है। अधिकारियों ने बताया कि एक फेरा पूरा करने में लगभग 20 मिनट का समय लगेगा।
शुरुआती चरण में मेट्रो तीन स्टेशन, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, खेमनीचक और भूतनाथ पर रुकेगी। खेमनीचक स्टेशन पर अभी कुछ निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण फिलहाल मेट्रो को डिपो से सीधे भूतनाथ तक चलाया जाएगा। नवंबर तक सेवा का विस्तार कर इसे मलाही पकड़ी तक ले जाने की योजना है। मलाही पकड़ी स्टेशन पर तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं।
पटना मेट्रो की पहचान उसकी आधुनिकता और सांस्कृतिक प्रस्तुति दोनों में नजर आएगी। तीन बोगियों वाली इस मेट्रो ट्रेन को पुणे से लाकर गेरुआ रंग में रंगा गया है। ट्रेन के अंदर और बाहर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ी छवियाँ अंकित की गई हैं। गोलघर, महावीर मंदिर, महात्मा बुद्ध सहित ऐतिहासिक स्थलों की तस्वीरें यात्रियों का स्वागत करेंगी।
अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद राजधानी की यात्रा अधिक आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल होगी। ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लोगों का समय बचेगा। इसके अलावा पर्यटन, व्यापार और रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की यह परियोजना पटना को देश के बड़े शहरों की कतार में खड़ा करने की दिशा में अहम कदम है। जल्द ही पटना मेट्रो का उद्घाटन किया जाएगा और शहरवासियों को ‘दरवाजे बाईं तरफ खुलेंगे’ जैसी आवाज़ सुनने का मौका मिलेगा। यह सेवा न सिर्फ आधुनिकता की मिसाल बनेगी, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान को देशभर में पहुँचाने का माध्यम भी होगी।