Police Encounter in Bihta: पटना के बिहटा में मंगलवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने दो शार्प शूटर विदेशी राय और पप्पू राय को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया। दोनों किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे। मौके से कई हथियार भी बरामद किए गए हैं।
Police Encounter in Bihta: पटना से सटे बिहटा में पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए पटना एम्स रेफर किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने दो शार्प शूटर विदेशी राय और पप्पू राय को पीछा कर गोली मारी। गोली दोनों अपराधियों के पैर में लगी है। बताया जा रहा है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई। विदेशी राय और पप्पू राय पर हत्या समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने घटनास्थल से कई हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, STF को सूचना मिली थी कि बिहटा इलाके में दो अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों का लोकेशन ट्रैक किया। कुख्यात अपराधियों की लोकेशन बिहटा के आनंदपुर गांव स्थित बांध के पास मिली, जिसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार, खुद को घिरता देख दोनों अपराधियों ने भागने के दौरान पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो दोनों बदमाशों के पैर में लगी। इसके बाद पुलिस घायल अपराधियों को बिहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना एम्स रेफर कर दिया गया।
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 6 फरवरी को वैशाली (हाजीपुर) में संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कुख्यात अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मार गिराया। वह सोना लूट, हत्या और डकैती के 30 से अधिक मामलों में फरार था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके बाद 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे को ढेर कर दिया गया। बताया जाता है कि घटना से एक दिन पहले कुंदन ठाकुर ने चकिया के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी दी थी। इस एनकाउंटर में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई और वे शहीद हो गए।
29 अप्रैल को पटना पुलिस ने भागलपुर के कुख्यात अपराधी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड का मुख्य आरोपी था। उसने अपने साथियों के साथ कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े फायरिंग की थी, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के अगले ही दिन सीवान में पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे की हत्या के आरोपी छोटू कुमार यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी।
| अपराधी का नाम | कहां का रहने वाला है |
| मैनेजर राय | दीदारगंज, पटना |
| प्रह्लाद कुमार | अथमलगोला, पटना |
| नीतीश कुमार | मनेर, पटना |
| परमानंद यादव उर्फ नेपाली | लातेहार, झारखंड |
| राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन | खाजेकलां, पटना |
| धीरज कुमार | पंडारक, पटना |
| मंगल कुमार | बलिया, बेगूसराय |
| छोटू कुमार यादव | सीवान |