Patna Crime News पटना में हाल के दिनों में चाकूबाजी, कथित फायरिंग और NEET छात्रा की संदिग्ध मौत जैसे तीन बड़े मामलों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृष्णापुरी की चाकूबाजी में FIR नहीं होने, खान सर कोचिंग फायरिंग केस में जांच की दिशा बदलने और छात्रा मौत मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने को लेकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

Patna Crime Newsपटना पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा में रहती है। ताजा मामला पटना के कृष्णापुरी थाना क्षेत्र का है। यहां बीच सड़क पर दो युवकों के बीच मारपीट हुई, जिसमें एक युवक ने खुलेआम दूसरे युवक गौतम राज सिंह पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि घटना 11 जून की है। आरोप है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कृष्णापुरी थाना में शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया। इसको लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में नाराजगी है।
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब कृष्णापुरी थाना या पटना पुलिस अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आई हो। इस घटना के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद घायल गौतम राज सिंह को इलाज के लिए पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी। बाद में उनकी मां माधुरी देवी बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना एम्स ले गईं।
परिजनों का कहना है कि पटना एम्स में भर्ती कराने के बाद उन्होंने श्रीकृष्णापुरी थाना में इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। उस समय थाने का प्रभार एडिशनल एसएचओ के पास था, लेकिन आरोप है कि शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब थाने से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आवेदन लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां से उन्हें संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि थाना लगातार टालमटोल कर रहा है और घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
खान सर और रोशन आनंद विवाद में भी पटना पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। खान सर की कोचिंग पर कथित फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैजल खान उर्फ खान की शिकायत पर रोशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर यह दावा सामने आया कि कोचिंग पर हुई फायरिंग रोशन आनंद के लोगों ने नहीं, बल्कि कथित तौर पर फैजल खान के समर्थकों ने ही की थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने इस एंगल से भी जांच शुरू की।
विवाद तब और बढ़ गया जब वायरल वीडियो में पहले चार राउंड फायरिंग की बात कही गई, लेकिन दो दिन पहले सामने आए एक अन्य वीडियो में सात राउंड गोली चलने का दावा किया गया। इसके बाद पटना पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान आखिर कितनी गोलियां चली थीं। घटना के संबंध में लगातार बदलती जानकारियों और जांच की दिशा को लेकर पटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले वर्ष की शुरुआत में पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र की सचिवालय कॉलोनी रोड नंबर-2 स्थित एक हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला भी चर्चा में रहा था। शुरुआती जांच में पटना पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताते हुए अपनी जांच उसी दिशा में केंद्रित कर दी थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की। इसके बाद जांच में कई नए तथ्य सामने आए और मामले ने नया मोड़ ले लिया। इसके बावजूद, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की कार्रवाई और जांच की गति पर सवाल उठते रहे हैं।