Patna Smart Corridor: आज मुख्यमंत्री पटना में इनकम टैक्स गोलंबर से बांस घाट तक मंदिरी नाले को ढककर बनाई गई स्मार्ट रोड का उद्घाटन करेंगे। 115 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क का नाम नवीन सिन्हा पथ रखा गया है। इस सड़क से ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
Patna Smart Corridor: राजधानी पटना के मध्य क्षेत्र में जाम की समस्या से जूझने वाले लाखों लोगों के लिए सोमवार का दिन खास होने जा रहा है। पटना स्मार्ट सिटी मिशन की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मंदिरी नाला स्मार्ट रोड का आज भव्य उद्घाटन होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस नवनिर्मित मार्ग का लोकार्पण करेंगे, इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर के पूर्व विधायक नितिन नवीन भी मौजूद रहेंगे। इस सड़क को आधिकारिक रूप से 'नवीन किशोर सिन्हा पथ' के नाम से जाना जाएगा।
इस परियोजना का उद्घाटन भाजपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय नवीन किशोर सिन्हा की 77वीं जयंती के अवसर पर हो रहा है। नितिन नवीन के लिए यह एक भावुक पल है, क्योंकि उनके पिता ने वर्ष 2004 में इस नाले को ढंककर सड़क बनाने का सपना देखा था। नितिन नवीन ने खुद इस परियोजना की आधारशिला दिसंबर 2021 में रखी थी और आज यह सपना हकीकत बनकर जनता के सामने है।
मंदिरी नाले के ऊपर बनी दो लेन की 1289 मीटर लंबी यह स्मार्ट रोड पटना की लाइफलाइन कहे जाने वाले नेहरू पथ (बेली रोड) को सीधे जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) और अशोक राजपथ से जोड़ती है। आयकर गोलंबर से बांसघाट होते हुए यह सड़क जेपी गंगा पथ तक जाती है, जिससे उत्तर बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को अब गांधी मैदान या फ्रेजर रोड के जाम में फंसने की जरूरत नहीं होगी।
इस मार्ग के शुरू होने से बेली रोड, बुद्ध मार्ग और फ्रेजर रोड पर ट्रैफिक का दबाव 30% तक कम होने की उम्मीद है। इतना ही नहीं पहले जहां बेली रोड से गांग पथ जाने के लिए लगभग 30 मिनट तक का समय लगता था, अब यह दूरी तीन से चार मिनट में पूरी होगी।
यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि एक स्मार्ट अर्बन कॉरिडोर है। सड़क के नीचे आरसीसी बॉक्स ड्रेन बनाया गया है, जिसकी छत को रखरखाव के लिए आसानी से खोला जा सकता है। इससे बरसात के दिनों में पटना के मध्य क्षेत्रों (वार्ड 21, 24, 25, 26 और 27) में जलजमाव की पुरानी समस्या से मुक्ति मिलेगी। सड़क पर सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक स्ट्रीट लाइटें भी लगाई गई हैं।
हालांकि यह उपलब्धि बड़ी है, लेकिन इसके निर्माण की राह आसान नहीं रही। 2021 में शुरू हुई यह परियोजना अपनी तय समय सीमा से लगभग 2 साल की देरी से पूरी हुई है। शुरुआत में इस परियोजना की लागत करीब 87 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो देरी और तकनीकी जटिलताओं के कारण बढ़कर 115.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस विलंब की मुख्य वजह तीन अलग-अलग निर्माण कंपनियों का बदलना और जल निकासी की जटिल प्रक्रिया रही।
आज सुबह 10:00 बजे आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह के बाद यह सड़क आम जनता के लिए खोल दी जाएगी। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अनुसार, यह कॉरिडोर शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।