
T20 World Cup Betting Fraud: T-20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच, बिहार की राजधानी पटना में एक बड़े ऑनलाइन बेटिंग और फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पटना के कदमकुआं थाने की पुलिस ने काठपुल के पास एक घर में छापा मारकर छह अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने क्रिकेट फैंस को डबल प्रॉफिट का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगे थे। गैंग का नेटवर्क लखनऊ से लेकर बिहार के कई जिलों तक फैला हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, गैंग क्रिकेट मैच के दौरान चौके-छक्के पर सट्टा लगाने का लालच देकर लोगों को फंसाता था। शर्त यह थी कि वे हर छक्के पर 1000 रुपये और हर चौके पर 500 रुपये का सट्टा लगाओ और मैच खत्म होते ही डबल पैसा पाओ। लेकिन असल में यह पूरा खेल ठगी का था।
पुलिस जांच में फ्रॉड का एक बहुत ही शातिर तरीका सामने आया है। गैंग सोशल मीडिया पर लुभावने ऐड चलाता था और क्रिकेट फैंस को प्राइवेट मैसेज भेजता था, जिसमें उन्हें प्लेयर्स की परफॉर्मेंस पर बेट लगाने के लिए उकसाया जाता था। बेटिंग ऑफर में यूजर्स को हर छक्के के लिए 1,000 रुपये और हर चौके के लिए 500 रुपये इन्वेस्ट करने होते थे। गैंग का दावा था कि अगर कोई प्लेयर बाउंड्री मारता है, तो इन्वेस्ट की गई रकम तुरंत दोगुनी हो जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में भरोसा दिलाने के लिए कुछ लोगों को छोटे अमाउंट पर भुगतान भी किया जाता था। लेकिन जैसे ही जब कोई बड़ा सट्टा लगाता था, तो पैसे ट्रांसफर होते ही उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था। अब तक यह गैंग सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। कई पीड़ितों ने शिकायत भी नहीं की क्योंकि उन्हें डर था कि बेटिंग खुद ही गैर-कानूनी है। गैंग का मेन टारगेट वे यूजर्स थे जो सोशल मीडिया पर क्रिकेट से जुड़ा कंटेंट देखते या शेयर करते थे।
गैंग का मास्टरमाइंड लखनऊ से पूरा गेम कंट्रोल करता था। वहीं से वह आकर्षक डिजिटल विज्ञापन बनाता था, जिन्हें पटना के कदमकुआं में एक फ्लैट में रहने वाले छह युवक सोशल मीडिया पर शेयर किया करते थे। यह गैंग मुख्य रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक्टिव था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टेक्निकल टीम गैंग के मास्टरमाइंड का लोकेशन ट्रेस करने में लगी है।
इस गिरोह का पर्दाफाश कदमकुआं में काठपुल के पास रहने वाले एक युवक की वजह से हुआ। उसे फ्लैट में रहने वाले लड़कों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उसने पुलिस को इस बात की सूचना दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और फिर फ्लैट पर छापा मारा, जहां उन्हें कमरे के अंदर से सट्टेबाजी और ठगी का पूरा सेटअप बरामद हुआ।
छापेमारी के दौरान, सहरसा के सोनवर्षा निवासी हरीश कुमार, सुमित कुमार, छोटू कुमार, अमरजीत कुमार, मधेपुरा के आलमनगर निवासी हरिओम कुमार और भागलपुर निवासी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी पता चला कि ये लोग फर्जी या किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर तुरंत निकाल ली जाती थी, ताकि ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
गिरफ्तार आरोपियों से बरामद सामान देखकर पुलिस हैरान रह गई। उनके पास से चार लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, एक WiFi राउटर और दो दर्जन से ज़्यादा पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड और डेबिट कार्ड बरामद हुए।
DSP टाउन-1 राजेश रंजन ने कहा, "यह गैंग T20 वर्ल्ड कप के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में लखनऊ में रहने वाले मास्टरमाइंड का पता चला है। गैंग के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली गई है और जल्द ही लखनऊ में भी छापेमारी कर मास्टरमाइंड को दबोचा जाएगा।"
पुलिस ने क्रिकेट फैंस से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर इस तरह की बेटिंग या डबल-प्रॉफिट वाले एडवर्टाइजमेंट का शिकार न हों। किसी अनजान व्यक्ति के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना रिस्की हो सकता है।