Bihar Crime: पटना पुलिस ने 4 दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसने पटना और मुंबई दोनों जगहों पर बम धमाके की धमकी दी थी। आरोपी ने पटना के गांधी मैदान थाना के अंडरग्राउंड में बम लगाने की धमकी देने के साथ ही मुंबई के गणेश पूजा पंडाल में ब्लास्ट की योजना बनाई थी।
Bihar Crime: पटना पुलिस ने 4 दिनों के ट्रांजिट रिमांड पर अश्विनी कुमार सुप्ता को गिरफ्तार किया है, जिसने पटना और मुंबई दोनों जगहों पर बम धमाके की धमकी देकर प्रशासन और आम जनता में डर का माहौल पैदा किया। आरोपी ने पटना के गांधी मैदान थाना के अंडरग्राउंड एरिया में बम लगाने की धमकी के साथ-साथ मुंबई के गणेश पूजा पंडाल में ब्लास्ट की भी योजना बनाई थी।
मामला तब सामने आया जब अश्विनी कुमार ने मुंबई के गणेश पूजा पंडाल को ‘फिरोज’ बनकर कॉल किया और धमकी दी। यह धमकी इतनी गंभीर थी कि मुंबई पुलिस ने तुरंत मामला संज्ञान में लिया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान, आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया गया और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी कर उसे आर्थर रोड जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, इसी मोबाइल नंबर से 4 सितंबर की सुबह 11:58 बजे गांधी मैदान थाना को दो घंटे के भीतर RDX से ब्लास्ट करने की धमकी भी दी गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गांधी मैदान थाने के सरकारी नंबर पर उस दिन सैकड़ों कॉल आए, जिनमें कॉलर कुछ नहीं बोलता था। इसके अलावा, थाने के व्हाट्सअप नंबर पर करीब 5-6 बार मैसेज भेजकर पटना के 23 स्थानों पर बम धमाके और पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी इलाके में दो बच्चों की हत्या की धमकी दी गई।
अश्विनी कुमार ने थानेदार को सीधे मैसेज भेजकर लिखा, “दम है तो बचा लो, तुम्हारे थाने के अंडरग्राउंड में बम लगा दिया है।” इस धमकी के कारण गांधी मैदान थाना के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों को मामले की जानकारी दी और टेक्निकल सेल द्वारा आरोपी के मोबाइल नंबर की जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि अश्विनी कुमार सुप्ता पहले भी अपराधों में संलिप्त रहा है और पटना के गांधी मैदान थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। आरोपी ने मुंबई और पटना दोनों जगह धमकी देते समय अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया। मुंबई में वह ‘फिरोज’ के नाम से सक्रिय था, जबकि पटना में इसी नंबर से गांधी मैदान थाना को धमकी दी गई।
पटना पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अश्विनी कुमार ने यह धमकी क्यों दी और उसका असली उद्देश्य क्या था। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि आरोपी ने पटना और मुंबई दोनों जगह धमकी देने के लिए किन अन्य लोगों या नेटवर्क का इस्तेमाल किया।