
Bankipur MLA Prashant Kishor: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर मंगलवार को पहली बार अपने निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे। स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसे प्रतिनिधि नहीं हैं जो चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले तीन महीनों के भीतर राशन प्रणाली, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।
बांकीपुर में PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के तहत राशन कार्ड और राशन वितरण में अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर प्रशांत किशोर ने जनता से तीन महीने का समय मांगा। अधिकारियों और बिचौलियों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि जन सुराज के शासन में भ्रष्टाचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशांत किशोर ने कहा, "लोग कहते हैं कि नेता एक बार जीतने के बाद अगले चुनाव में ही लौटते हैं। लेकिन मैं आपको यह बताने आया हूं कि चिंता न करें। हमें तीन महीने दें और यहां राशन कार्ड से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह से हल हो जाएंगी। राशन कार्ड जारी करने के लिए कोई भी एक रुपया भी रिश्वत नहीं ले पाएगा। इसके अलावा, हर राशन कार्ड धारक को पूरा 5 किलो अनाज मिलेगा, 4 किलो नहीं।"
प्रशांत किशोर ने कहा कि वह चुनाव के दौरान किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने 60 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों के लिए पेंशन योजना को तुरंत लागू करने का एक ब्लूप्रिंट पेश किया। प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि दो दिनों के भीतर, बांकीपुर के निवासियों को उनके विधायक कार्यालय का संपर्क कार्ड मिल जाएगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि 60 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी बुज़ुर्ग पुरुष या महिला, जिसे 1100 रुपये पेंशन नहीं मिल रही है, वह सीधे उनके कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी होगी कि 60 साल से ज्यादा उम्र के हर पात्र व्यक्ति को 1100 रुपये पेंशन मिले।
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि बांकीपुर के लोगों के एक वोट ने सत्ता में बैठे लोगों का अहंकार तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजों ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और काम करने के तरीके को बदल दिया है। उन्होंने जनता को उस वादे की याद दिलाई कि भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए वोट करने से सत्ता का अहंकार टूटेगा और बिहार में काम करने का तरीका बदलेगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के नतीजों के बाद एनकाउंटर की बातें बंद हो गई हैं और अब चर्चा नई फैक्ट्रियों, शिक्षा और रोजगार पर हो रही है।