
Prince Yadav Death: पटना की ज्ञानबिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में कैसे मौत हुई यह अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। सहरसा में उनके पैतृक गांव धमसैना में प्रिंस यादव का शव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। आंगन में खाट पर रखे अपने बेटे के शव को देखकर उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए फैसल खान यानि खान सर को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उन्होंने प्रिंस यादव के दोस्त रोशन कुमार की उस थ्योरी को भी नाकार दिया, जिसमें उसने प्रिंस की मौत की वजह मानसिक बीमारी और दवा का रिएक्शन बताया था।
बेटे के गम में बदहवास मां को ढांढस बंधाने के लिए गांव की महिलाएं जुटी हुई थीं, लेकिन उन्हें चुप कराना मुश्किल था। जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रिंस को पहले से कोई बीमारी थी, तो उन्होंने रोते हुए कहा, "मेरे बेटे को कोई बीमारी नहीं थी। कुछ लोग कहते हैं कि वह नींद की गोलियां ले रहा था, तो कुछ लोग कुछ और कहते हैं। वे सब झूठ बोल रहे हैं। मेरा बेटा नशा नहीं करता था। वह शराब भी नहीं पीता था।"
प्रिंस यादव की मां ने आगे कहा, "दुश्मनी की वजह से मेरे बेटे की हत्या हुई। अगर वह बीमार होता, तो वह इतना फिट और हमारे परिवार का सहारा कैसे होता? उसका एक छोटा बच्चा है। अब उसका क्या होगा? उस खान ने मेरे बेटे को हमसे छीन लिया, उसने मेरे पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया।"
प्रिंस की मां ने बताया कि कैसे उन्हें अपने ही बेटे से बात करने से रोका गया। उन्होंने कहा, "सुबह 10 बजे मेरी अपने बेटे से अच्छी बातचीत हुई थी। बाद में जब मैंने दोपहर में दोबारा फोन किया, तो वहां मौजूद लड़कों ने मुझे उससे बात नहीं करने दी। उन्होंने कहा कि प्रिंस ने बुखार की दवा ली थी और सो रहा था। उसके बाद जब भी मैंने फोन किया वे यही कहते रहे कि 'वह सो रहा है, वह सो रहा है, जब वह जागेगा तो हम आपकी उससे बात करा देंगे। दोपहर के बाद से, उन्होंने मुझे उससे बिल्कुल भी बात नहीं करने दी और सच छिपाते रहे।"
गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि प्रिंस के बड़े भाई ज्ञानबिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रोशन आनंद ने भी जेल से रिहा होते ही ऐसे ही आरोप लगाए। रोशन आनंद ने कहा, "जैसे ही मुझे जेल भेजा गया, एक साज़िश के तहत मेरे भाई को खत्म कर दिया गया। खान सर और कोल्ड स्टोरेज के मालिक ने मिलीभगत करके इस हत्या को अंजाम दिया।"