
Rabri Devi Bungalow: RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के लिए 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने की समय-सीमा आज खत्म हो रही है। पिछले कुछ दिनों से राबड़ी देवी के सरकारी आवास से सामान की शिफ्टिंग की जा रही है। बंगले से एसी, फर्नीचर और व्यक्तिगत सामग्रियां ट्रकों में लादकर बाहर निकाली जा रही हैं। लेकिन सवाल यह है कि पटना में लालू और राबड़ी का नया पता आखिर कहां होगा?
राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगे हुए सभी सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक-एक कर उतार लिए गए हैं। घर के अलग-अलग कमरों से निजी फर्नीचर, सोफे, अलमारियां, कीमती कपड़े, व्यक्तिगत सामग्रियां, जरूरी कानूनी दस्तावेज और रसोई का सारा सामान पैक किया जा चुका है। शुरुआती दौर में पैक किए गए कई बड़े सामानों को पटना के कौटिल्य नगर स्थित लालू परिवार के निजी मकान में भेजा गया है, जबकि कुछ समान तेजस्वी यादव के सरकारी बंगले पर भी भेजा गया है।
भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री सह विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 22 जून को पांचवां और आखिरी अल्टीमेटम जारी करते हुए सात दिनों के भीतर (आज शाम तक) आवास का पजेशन विभाग को सौंपने का निर्देश दिया था। इससे पहले भी विभाग द्वारा दिसंबर 2025 से लेकर मई 2026 तक चार बार नोटिस भेजे जा चुके थे, लेकिन लालू परिवार ने आवास खाली नहीं किया था।
अब अगर निर्धारित समय-सीमा के भीतर बंगला खाली नहीं किया गया, तो 'बिहार सरकारी परिसर अधिनियम' के तहत जबरन बेदखली की कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने यह बंगला एनडीए सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को बहुत पहले ही आवंटित कर दिया था, लेकिन राबड़ी देवी का कब्जा होने के कारण नए मंत्री को अब तक इसका पजेशन नहीं मिल सका था।
10 सर्कुलर रोड को आज पूरी तरह खाली करने के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के रहने के लिए फिलहाल तीन मुख्य विकल्प सामने आ रहे हैं। पहला विकल्प है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास। सूत्रों का दावा है कि लालू यादव और राबड़ी देवी फिलहाल अस्थाई रूप से अपने बेटे तेजस्वी के इसी बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं। वहां सामान ले जाने की सुगबुगाहट भी देखी गई है।
दूसरा विकल्प है विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के नाते राबड़ी देवी को सरकार द्वारा आवंटित 39 हार्डिंग रोड पर नया सरकारी आवास। इस बंगले को भगवा रंग से बदलकर हरे रंग में रंगवा भी दिया है, लेकिन वहां अभी निर्माण कार्य सिर्फ 70% ही पूरा हो पाया है। लालू यादव के स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए अलग कमरे में रहने की सलाह दी है। हार्डिंग रोड के बंगले में हॉल की पेंटिंग, किचन का काम और एसी इंस्टॉलेशन अधूरा होने के कारण वहां तुरंत शिफ्ट होना मुमकिन नहीं दिख रहा।
तीसरा विकल्प है पटना के कौटिल्य नगर में लालू परिवार का अपना निजी बंगला, जिसका निर्माण अंतिम चरण में है। हाल ही में राबड़ी देवी ने वहां जाकर काम तेज करने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि गृह प्रवेश की पूजा के बाद पूरा परिवार इसी निजी पते पर हमेशा के लिए शिफ्ट हो जाएगा, तब तक वे तेजस्वी के साथ ही वक्त गुजारेंगे।
बंगला खाली करने की इस पूरी आपाधापी के बीच, राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने विभाग से मांग की है कि 10 सर्कुलर रोड की चाबी और 'चार्ज रजिस्टर' हैंडओवर करने से पहले, विभाग सालों पहले लालू परिवार को मुहैया कराए गए सरकारी सामानों की मूल सूची उन्हें सौंपे।
लालू परिवार यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बंगला खाली करते समय एक-एक सरकारी पंखे, लाइट और फर्नीचर का सही मिलान हो सके, ताकि भविष्य में भवन निर्माण विभाग उन पर 'सरकारी सामान गायब करने' या 'बंगले में तोड़फोड़' करने का कोई नया आरोप न लगा सके।