बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही बिहार में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। टिकट को लेकर उम्मीद लगाए प्रत्याशी बड़े नेताओं के दरबार में सुबह से ही पहुंचने लगे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा होते ही प्रदेश की राजधानी पटना में सियासी हलचल तेज हो गई है। मंत्रियों और गठबंधन के प्रमुख नेताओं के सरकारी आवास टिकट के दावेदारों से भर गए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने अपने-अपने आवास पर टिकटार्थियों से मुलाकात की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से भी 300 से अधिक लोगों ने संपर्क साधा, जिनमें वर्तमान विधायक, पिछले चुनाव के पराजित प्रत्याशी और नए दावेदार शामिल थे।
इस बीच, कई दिग्गज नेता अपने परिजनों के लिए टिकट सुनिश्चित करने की कोशिशों में जुट गए हैं। पूर्व सांसद रमा देवी ने अपने पुत्र देवाशीष के लिए सीतामढ़ी जिले की रीगा विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग की है। दूसरी ओर, जदयू की सांसद लवली आनंद ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर अपने छोटे बेटे अंशुमान के लिए एनडीए से टिकट की पैरवी की है। उनके बड़े पुत्र चेतन आनंद पहले से ही राजद के विधायक हैं।
इधर, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ लोजपा के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से उनके आवास पर मिलें। सीट शेयरिंग को लेकर उनसे बात किया। सूत्रों कहना है कि इसका कोई फलाफल नहीं निकला है। चिराग पासवान 45 सीटों की मांग कर रहे हैं और बीजेपी उनको 26 ऑफर कर रही है। इसी कारण मामला नहीं बन पाया है।