पटना

‘जिस पर नरसंहार का दाग, उसे ही सौंप दी बिहार की कमान’, सम्राट चौधरी पर रोहिणी का प्रहार

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अतीत के पन्ने खोल दिए हैं। तारापुर नरसंहार से लेकर संदिग्ध डिग्री तक, रोहिणी आचार्य ने कई सवाल उठाए हैं।
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Apr 16, 2026
rohini acharya on samrat choudhary
सम्राट चौधरी और रोहिणी आचार्य

बिहार में सत्ता परिवर्तन हो गया है। भाजपा के सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री का पदभार संभाल लिया है। विपक्ष भी नई सरकार पर लगातार हमले कर रहा है। इसी बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में रोहिणी ने सम्राट चौधरी के चरित्र, शैक्षणिक योग्यता और अतीत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंप दी है, जिसके दामन पर नरसंहार का दाग है।

अपने आकाओं से दो कदम आगे

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में बिना किसी का नाम लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि 2014 से दो व्यक्ति रहनुमा बन भारतीय जनता पार्टी को अपने इशारों पर नचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ने बिहार की कमान भी बिल्कुल अपनी ही जैसी पृष्ठभूमि के दागदार दामन वाले के हाथों में सौंप दी है। रोहिणी ने तंज कसते हुए लिखा कि नाम रखने के मामले में तो बिहार वाला व्यक्ति (सम्राट चौधरी) अपने आकाओं से भी दो कदम आगे है, क्योंकि उसके पास सिर्फ एक नहीं, बल्कि चार अलग-अलग नाम हैं।

नरसंहार और बलात्कार के गंभीर आरोप

अपने पोस्ट में, रोहिणी आचार्य ने सम्राट चौधरी के अतीत को लेकर सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'जिस तरह गुजरात नरसंहार मामले में भाजपा के दोनों रहनुमाओं की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं, उसी तरह जिस व्यक्ति को बिहार की कमान सौंपी गई है, उसके रिकॉर्ड पर भी तारापुर नरसंहार के दाग हैं। कुछ लोगों ने तो उन पर बलात्कार के आरोप भी लगाए हैं।

डिग्री और उम्र पर भी उठाए सवाल

अपने राजनीतिक हमलों के साथ-साथ, रोहिणी ने सम्राट चौधरी के निजी विवरणों को लेकर भी सवाल दागे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की शैक्षणिक डिग्रियां, उम्र और जन्मतिथि पर भी वाजिब संशय और सवाल हैं। रोहिणी के अनुसार, सम्राट चौधरी के विभिन्न चुनावी हलफनामों एन विरोधाभासी जानकारियां है। जिसमें उन्होंने अपनी उम्र और योग्यताओं को लेकर परस्पर विरोधी दावे किए हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर संदेह का गहरा साया मंडरा रहा है।

Updated on:
16 Apr 2026 02:47 pm
Published on:
16 Apr 2026 02:47 pm