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‘बीजेपी ने उसे CM चुना, जिसके पिता ने तो मोदी जी को धमकी दी थी’, सम्राट चौधरी पर रोहिणी का तंज

सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि बीजेपी की मजबूरी का आलम तो कुछ ऐसा है कि उसे एक ऐसे शख्स को मुख्यमंत्री चुनना पड़ा, जिसके पिता ने तो मोदी जी को ही जिंदा जमीन में गाड़ देने की बात की थी
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पटना

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Anand Shekhar

Apr 14, 2026

rohini acharya on samrat choudhary

सम्राट चौधरी और रोहिणी आचार्य

सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। NDA विधानमंडल दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुन लिया गया है। जिस पर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रोहिणी आचार्य ने BJP की क्षमताओं और उसके 46 साल के इतिहास पर सवाल उठाते हुए पार्टी को राजनीतिक रूप से दिवालिया करार दिया। उन्होंने सम्राट चौधरी के अतीत, उनकी शैक्षणिक योग्यताओं और नीतीश कुमार के इस्तीफे से जुड़े हालात को लेकर कई गंभीर और व्यक्तिगत हमले किए।

मोदी जी को धमकी देने वाले को बीजेपी ने चुना सीएम

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा कि BJP की मजबूरी का आलम तो ऐसा है कि उसे एक ऐसे मुख्यमंत्री को चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा जिसके पिता (शकुनि चौधरी) ने कभी मोदी जी को जिंदा दफनाने की धमकी दी थी और जिसने खुद सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार जी को राजनीतिक रूप से मिट्टी में मिला देने की कसम खाई थी। रोहिणी ने तंज भरे लहजे में लिखा, 'कहीं ऐसा तो नहीं कि इसी धमकी से ही बीजेपी और नीतीश कुमार के साथ-साथ एनडीए वाले डर गए हो।'

BJP को एक घूमंतु ही मिला- रोहिणी आचार्य

अपनी पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने लिखा, 'मुख्यमंत्री बनाने के लिए BJP को एक घूमंतु ही मिल सका। अपनी स्थापना के 46 साल बाद भी बिहार में बीजेपी के पास लीडरशिप का ऐसा गंभीर अकाल है कि वह न तो कभी अपने दम पर सरकार बना पाई है और न ही किसी विधानसभा चुनाव के दौरान कभी अपना कोई मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर पाई है।'

बीजेपी पर तंज कसते हुए रोहिणी आचार्य ने लिखा कि बिहार में BJP के राजनीतिक कंगाली की हद यह है कि इतने सालों की जोड़-तोड़ के बाद आखिरकार साजिश के जरिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने में सफल होने के बाद भी पार्टी अब भी किसी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है जो न तो ' नागपुरिया नर्सरी' (RSS) से आता है और न ही बिहार BJP के 'बंजर बगीचे' का प्रोडक्ट हो। घाट-घाट घूम कर आए एक घूमंतु को मुख्यमंत्री बनाने की मजबूरी से ही साफ है कि अंदर से बीजेपी का खेमा बिहार में पूरी तरह से खानाबदोशों के भरोसे है।

मुरैठा और डिग्री पर निशाना

रोहिणी ने सम्राट चौधरी की उस प्रतिज्ञा पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने तक मुरेठा (पगड़ी) न खोलने की बात कही थी। उन्होंने लिखा, 'बिना प्रतिज्ञा पूरी किए मुरेठा खोलने, फर्जी डिग्री और फर्जी जन्म-प्रमाणपत्र वाला मुख्यमंत्री भाजपा को मुबारक हो।'

नीतीश कुमार के इस्तीफे पर रोहिणी आचार्य का तंज

एक अन्य पोस्ट में नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे पर निशाना साधते हुए, रोहिणी आचार्य ने लिखा, 'आखिरकार हो ही गया पल्टीबाजी के धुरंधर हमारे चाचा जी का इस्तीफ़ा , बनने चले थे सियासत के खलीफा, बेबसी में खुद ही सुपुर्द कर आए राज्यपाल महोदय को अपनी सियासी पारी के पटाक्षेप का लिफाफा। बड़े अफसोस की बात है, चाचा जी के गम में सच्चे दिल से नहीं कोई उनके साथ है, ऊपर से जो भी दिखता उनके साथ है, हकीकत में वही चाचा जी पर लगाए बैठा घात है।'

रोहिणी ने अंत में लिखा, 'ज्यादा क्या कहूं, बस इतना ही काफी है कि झूठी शेखी बघारने वाले चाचा जी की ऊंची उड़ान के अरमान आंसुओं में बह गए, चाचा जी के पर उनके ही अपने कहे जाने वाले सियासी बहेलिए कतर गए।'

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