पटना

तेजस्वी यादव ने मुंहबोले मामा को बनाया MLC उम्मीदवार, भड़कीं रोहिणी आचार्य; पूछा- वसूलीबाज को टिकट क्यों?

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील कुमार सिंह राजद की तरफ से नामांकन पत्र दाखिल किया। जिसके बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य तेजस्वी यादव और सुनील सिंह पर भड़क गईं। उन्होंने ने सुनील सिंह को धोखेबाज, गद्दार और वसूलीबाज तक कह दिया।

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Jun 08, 2026
Bihar MLC Election
सुनील सिंह को MLC कैंडीडेट बनाने पर भड़कीं रोहिणी आचार्य

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने लंबे सस्पेंस के बाद एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर मैदान में उतारा। सुनील सिंह ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। लेकिन, इस घोषणा के कुछ ही देर बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर तेजस्वी यादव के इस फैसले पर सवाल उठाया।

मक्कारी जिसकी फितरत, उसे टिकट क्यों? - रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य ने बिना किसी का नाम लिए राजद के शीर्ष नेतृत्व और उम्मीदवार सुनील सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने पोस्ट की शुरुआत ही बेहद कड़े शब्दों से करते हुए लिखा, 'गुटबाजी, भीतरघात, विश्वासघात, मक्कारी जिसकी फितरत, विरोधियों से जिसकी मिलीभगत, नजदीकियों की बात बता कर उगाही और वसूली करना जिसका धंधा है। जो अपनी झूठी धौंस जताने के लिए पार्टी कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सामने बिठा कर बहन- बेटियों के बारे में ओछी और अमर्यादित बातें करता है, उसे कैसे उम्मीदवार बना दिया।'

रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव के इस फैसले पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे ले जाने और पार्टी की बेहतरी के लिए जिसे लालू प्रसाद यादव ने जिम्मेदारी सौंपी थी, उसने ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार कैसे बनने दिया?

समर्पित कार्यकर्ताओं का टोंटा पड़ गया क्या?

लालू की बेटी ने पार्टी के भीतर निष्ठावान नेताओं की अनदेखी पर भी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सवालिया लहजे में लिखा, 'पार्टी में समर्पित, निष्ठावान कार्यकर्ताओं और नेताओं का टोंटा पड़ गया क्या?' रोहिणी ने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'ऐसे ही लोगों की वजह से वर्षों से मजबूती के साथ खड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी विक्षोभ और असंतोष फैला हुआ है।' उन्होंने नवंबर के महीने में पार्टी को हुए नुकसान यानि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे ही चेहरों की वजह से पार्टी को पहले भी बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है।

अल्पसंख्यक और वंचित समाज की अनदेखी का आरोप

अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने राजद के मूल वोट बैंक की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लिखा कि पार्टी की स्थापना के समय से लेकर आज तक जो जमीन से जुड़े कट्टर लालूवादी अल्पसंख्यक, यादव, दलित, पिछड़े वर्ग और वंचित समाज के वरिष्ठ व युवा नेता मजबूती से खड़े रहे, उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। रोहिणी के मुताबिक, ऐसे वफादार चेहरों की अनदेखी करना पार्टी के भविष्य और हित में कतई नहीं है।

Published on:
08 Jun 2026 01:42 pm