
Khan Sir Coaching Controversy: पटना में फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन्हें पटना सिविल कोर्ट में एक और बड़ा झटका लगा है। रौशन आनंद की जमानत अर्ज़ी पर फ़ैसला एक बार फिर टाल दिया गया है, जिसका मतलब है कि उन्हें सोमवार तक जेल में ही रहना होगा। जिसके बाद अब यह सवाल उठ रहा कि रौशन आनंद की जमानत की सुनवाई बार-बार क्यों टाली जा रही है।
जब ADJ-33 के सामने रोशन आनंद की जमानत अर्ज़ी पर सुनवाई शुरू हुई, तो कोर्ट ने मामले के तथ्यों और पुलिस जांच की प्रगति को समझने के लिए 'केस डायरी' तलब कर ली। कोर्ट का मानना है कि 2 जून को हुई हिंसक झड़प, पत्थरबाज़ी और गोलीबारी की घटना की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए, केस डायरी की अच्छी तरह जांच किए बिना कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सकता। जब तक कोर्ट पुलिस डायरी के हर पन्ने, चश्मदीदों के बयानों और सबूतों की बारीकी से जांच नहीं कर लेती, तब तक ज़मानत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के बार-बार टलने के पीछे कानूनी चालें भी एक अहम वजह हैं। शुक्रवार को विरोधी पक्ष के वकील ने सीधे बहस करने के बजाय कोर्ट से और समय मांगा। विरोधी पक्ष की ओर से कोर्ट में एक 'टाइम पिटीशन' दायर की गई, जिसमें मामले से जुड़े नए पहलुओं को पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय कर दी।
इधर, मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनुराग वर्मा की कोर्ट में खान सर के दो पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड्स की जमानत पर सुनवाई हुई, जिन्हें सोशल मीडिया पर एक वीडियो में खुलेआम हथियार चलाते हुए देखा गया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। उन्हें रिहा किया जाएगा या वे जेल में ही रहेंगे, यह स्थिति सोमवार को साफ हो जाएगी।
जहां रोशन आनंद को बार-बार सुनवाई टलने का सामना करना पड़ रहा है, वहीं खान सर को कोर्ट से पहले ही अंतरिम राहत मिल चुकी है। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज रूपेश देव की अदालत ने 20 जून तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है और पुलिस को आदेश दिया है कि उनके खिलाफ कोई जबरदस्ती वाली कार्रवाई नहीं की जाए।
खान सर के वकील अरविंद कुमार का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर खान सर का नाम जबरदस्ती इस मामले में जोड़ा गया, जबकि हिंसक झड़प में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी।