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बिहार शिक्षक भर्ती पेपर लीक: EOU ने डॉक्टर को किया गिरफ्तार, अब तक 296 आरोपी पकड़े गए

BPSC TRE-3 Paper Leak Case : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही ईओयू ने एक एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
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पटना

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kamlesh sharma

Jul 28, 2026

Bihar doctor arrested

Bihar doctor arrested (Photo AI)

BPSC TRE-3 paper leak case : पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही ईओयू ने एक एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 296 हो गई है। आर्थिक अपराध इकाई की ओर से जारी बयान के अनुसार, डॉक्टर मनीष कुमार को जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

पेपर लीक गिरोह के संपर्क में था आरोपी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉ. मनीष कुमार पेपर लीक के गिरोह के लगातार संपर्क में था। आरोप है कि वह परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की साजिश में शामिल था। उसने परीक्षा की तैयारी के नाम पर एक रिजर्व गाड़ी से करीब 30 अभ्यर्थियों को झारखंड के हजारीबाग पहुंचाया था, जहां उन्हें लीक हुआ पेपर रटवाया गया था। यह मामला 16 मार्च 2024 को दर्ज आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-06/2024 से संबंधित है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट 2000 तथा बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत जांच की जा रही है।

2021 में पूरी की पढ़ाई

ईओयू की जांच में सामने आया कि डॉ. मनीष कुमार ने वर्ष 2021 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने कैमूर जिले में सरकारी डॉक्टर के रूप में सेवाएं दीं, लेकिन पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए उसने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। गिरफ्तारी के वक्त वह पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

अब तक 296 आरोपियों की गिरफ्तारी

ईओयू के मुताबिक शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 296 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। एजेंसी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोह और इससे आर्थिक लाभ कमाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।