Roshan Anand allegation on Khan Sir: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एक पॉडकास्ट में उन्होंने खान सर की पहचान, प्रशासनिक प्रभाव, फायरिंग कांड और अपने भाई प्रिंस कुमार यादव की मौत को लेकर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

Roshan Anand Targets Khan Sir: बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के रोशन आनंद और खान ग्लोबल स्टडीज़ के फैसल खान उर्फ खान सर के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। अब शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर रोशन आनंद ने खान सर पर कई आरोप लगाए हैं। रोशन आनंद ने खान सर की पहचान, कोचिंग और करियर पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि खान सर का पूरा वजूद झूठ की बुनियाद पर टिका है।
पॉडकास्ट के दौरान अपनी बात रखते हुए रोशन आनंद सर ने कहा, "मैं रोशन आनंद हूं और मुझे अपने सनातनी होने पर गर्व है। मैं अपना सच दुनिया से नहीं छुपाता। मैं फैजल खान नहीं हूं कि मेरे पास दो-दो जन्मतिथियां और दो-दो अलग-अलग नाम के दस्तावेज हों। उनके पास एक हिंदू नाम और एक मुस्लिम नाम से दो अलग-अलग आधार कार्ड हैं। उनका दो डेट ऑफ बर्थ है। इसका पूरा पक्का डाटा और सबूत हमारे पास है, जिसे समय आने पर हम पूरी दुनिया के सामने रख देंगे। जो व्यक्ति देश के सामने अपनी असली पहचान छुपाकर साम्राज्य चला रहा हो, उसका पूरा तंत्र ही झूठ पर टिका है।"
रोशन आनंद ने खान सर के राष्ट्रवाद के नैरेटिव और क्लासरूम के बयानों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने सामाजिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर खान सर को घेरते हुए कहा, "वह (खान सर) मंचों और क्लासरूम में बैठकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं कि पर्दा प्रथा सही नहीं है, महिलाओं को आगे आना चाहिए। लेकिन जब उनका खुद का निकाह या रिसेप्शन होता है, तो वह अपनी पत्नी का घूंघट तक नहीं उठाते। समाज के सामने उनका यह दोहरा रूप क्यों है?"
रोशन आनंद ने कहा, "वह (खान सर) सुबह से लेकर शाम तक वीडियोज में पाकिस्तान को सरेआम गाली देते हैं। खुद को बड़ा देशभक्त दिखाते हैं, लेकिन अपनी ही शादी के रिसेप्शन में पाकिस्तान के चिश्ती संप्रदाय से जुड़े कव्वाली गायक 'सबरी ब्रदर्स' को न्योता देते हैं। क्या हिंदुस्तान में चिश्ती संप्रदाय के कव्वाल कम पड़ गए थे या भारत में उनसे बड़े कव्वाली गायक नहीं हैं? दिन में जिन्हें गाली दी जाती है, रात में उन्हीं के देश के कलाकारों के साथ महफिल सजाई जाती है। यह कैसा राष्ट्रवाद है?"
रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि खान सर ने अपने रसूख और पैसे के बल पर यह झूठा नैरेटिव सेट किया कि गोली ज्ञान बिंदु की तरफ से चली थी, जबकि उनके खुद के गार्ड्स उनके कहने पर फायरिंग की बात स्वीकार कर रहे हैं। रौशन आनंद ने आगे कहा कि खान सर ने वीडियो बनाकर उनके भाई प्रिंस की मौत पर सिर्फ दिखावे के लिए संवेदना जताई। असलियत यह है कि जब कोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई हो रही थी, तो खान सर ने वकीलों की फौज खड़ी करके उनके बेल का विरोध करवाया ताकि वे जेल से बाहर न आ सकें और अपने मरे हुए भाई का आखिरी बार चेहरा तक न देख सकें।
रोशन आनंद ने कहा कि उनके जीवन में अब कुछ नहीं बचा है। उनकी मां और पिता बीमार हैं और पूरा परिवार सदमे से टूट चुका है। उन्होंने कहा, "लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि मैं आगे क्या कानूनी लड़ाई लड़ूंगा, कैसे बदला लूंगा? मैं उस युद्ध को जीतकर भी क्या करूंगा, जिस युद्ध ने मेरा भाई, मेरा लक्ष्मण ही मुझसे हमेशा के लिए छीन लिया? अब मुझे इस व्यवस्था से कोई उम्मीद नहीं है। मैंने इस टीचिंग करियर में अपना पूरा संसार उजड़ते देखा है। अब मामला प्रकृति, न्यायपालिका और भगवान के हाथ में है। ऊपर वाला इंसाफ जरूर करेगा।"
रोशन आनंद ने देश और दिल्ली-पटना के उन तमाम शिक्षकों (अभिनय शर्मा सर, राकेश यादव सर, अंकित अवस्थी सर, एसके झा सर आदि) का आभार जताया, जिन्होंने इस अत्यंत कठिन समय में मानवीय आधार पर उनका और उनके परिवार का साथ दिया। रोशन आनंद ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच की मांग दोहराई है, ताकि उनके भाई की संदिग्ध मौत और इस पूरे विवाद के पीछे छिपे 'सफेदपोश चेहरों' का पर्दाफाश हो सके।