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भरत तिवारी का जहां हुआ एनकाउंटर, वहां पहुंचे टाइगर यादव; खून से सनी मिट्टी माथे पर लगा बोले- अधूरा काम करेंगे पूरा

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब चर्चित यूट्यूबर टाइगर यादव उर्फ अनीश यादव की एंट्री हो गई है। बिलौटी गांव पहुंचकर उन्होंने घटनास्थल की मिट्टी माथे से लगाई और भरत तिवारी को सामाजिक संघर्ष का प्रतीक बताया।

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पटना

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Anand Shekhar

Jun 23, 2026

bharat tiwari encounter case

भरत तिवारी के एनकाउंटर वाली जगह पहुंचे टाइगर यादव

Bharat Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर लोगों का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा है। प्रशासन के तमाम दावों के बीच यूट्यूबर टाइगर यादव उर्फ अनीश यादव की अब इस मामले में एंट्री हो गई है। टाइगर यादव सीधे उस जगह पहुंच गए, जहां भरत तिवारी को पुलिस की पहली गोली लगी थी। घटनास्थल पर पहुंचकर टाइगर यादव जमीन पर बैठ गए, खून से सनी मिट्टी उठाई और उसे अपने माथे पर लगा लिया।

हम सब भरत तिवारी हैं - टाइगर यादव

कुछ युवाओं के साथ एनकाउंटर वाली जगह पर खड़े होकर टाइगर यादव ने कहा, "आज हम यहां भरत तिवारी के घर पर आए हुए हैं और वो जगह देख रहे हैं जहां उन्हें पहली गोली मारी गई थी। मेरे हाथ में जो मिट्टी आप देख रहे हैं, वह कोई आम मिट्टी नहीं है। यह मिट्टी हमारे भाई भरत तिवारी के खून से सनी है। इस मिट्टी की कसम खाकर, मैं आज बता रहा हूं कि हम युवा एकजुट होकर भरत तिवारी के शुरू किए गए अधूरे काम को पूरा करेंगे।"

टाइगर यादव ने कहा, "अगर सिस्टम में बैठे लोगों को यह गलतफहमी है कि एनकाउंटर करके और भरत तिवारी को मारकर उन्होंने उनकी आवाज हमेशा के लिए दबा दी है, तो वे यह सुन लें कि एक भरत तिवारी के जाने से कहानी खत्म नहीं हुई, यहां खड़ा हर एक युवा अब भरत तिवारी बन चुका है।"

लोगों के लिए लड़े भरत, इसलिए मार दिए गए - टाइगर

यूट्यूबर टाइगर यादव ने बिजली के खंभों और गांव की जर्जर, कच्ची सड़कों की ओर कैमरा घुमाकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। टाइगर ने कहा, "भरत तिवारी की हत्या क्यों की गई? आज मैं कैमरे पर इसकी असली वजह बता रहा हूं। उनका सबसे बड़ा गुनाह यह था कि उन्होंने इस गरीब समुदाय और अपने गांव के अधिकारों के लिए निडर होकर लड़ाई लड़ी।"

टाइगर यादव ने आगे कहा, "भरत तिवारी ने अपनी निजी कोशिशों और कड़ी मेहनत से गांव में बिजली के खंभे लगवाए थे। चाहे जर्जर सड़क पर मिट्टी भरवाना हो या गांव में नालियां बनवाने की मांग को लेकर अधिकारियों के दफ्तरों में उनके सामने डटकर खड़े होना हो, भरत तिवारी ने ये सभी काम अकेले ही किए। यह दुखद है कि समाज के लिए काम करने वाले और भ्रष्ट अधिकारियों की आंखों में आंखें डालकर बात करने वाले एक गरीब आदमी के बेटे की यह बात आज के बहरे कानूनी सिस्टम और प्रशासन को रास नहीं आई।"

टाइगर यादव ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल

अंत में टाइगर यादव ने भावुक होकर कहा कि उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि आज भरत तिवारी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें और उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार को अगर एनकाउंटर करवाने का इतना ही शौक है, तो वह छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले पेपर लीक माफियाओं और मासूम बच्चियों का यौन शोषण करने वाले दरिंदों का एनकाउंटर क्यों नहीं करवाती?

टाइगर ने बिहार की शराबबंदी पर भी सवाल उठाए और कहा कि कागजों पर शराब बंद होने के बावजूद हर गांव में शराब बिक रही है, लेकिन सरकार इन दारू माफियाओं का एनकाउंटर कभी नहीं करवा सकती। प्रशासन केवल उन लोगों को निशाना बना रहा है जो समाज के कल्याण और गरीबों के हक के लिए सीना तानकर खड़े हैं। उन्होंने अंत में भरत तिवारी की शहादत को शत-शत नमन किया।