पटना

मिनटों में तय होगा घंटों का सफर! दिसंबर में खुल जाएगा साहिबगंज-मनिहारी मेगा ब्रिज, जानें क्या होगा फायदा

गंगा नदी पर बन रहे साहिबगंज-मनिहारी मेगा ब्रिज का निर्माण के अंतिम चरण में है। NHAI के अनुसार इसके पूरा होने के बाद इस मार्ग से नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ व्यापार में भी सुधार होने की उम्मीद है।
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Apr 09, 2026
साहिबगंज-मनिहारी मेगा ब्रिज
साहिबगंज-मनिहारी मेगा ब्रिज (फोटो- X@BiharIndex)

बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाला साहिबगंज-मनिहारी मेगा ब्रिज प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार यह विशाल 22 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा और जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। गंगा नदी पर बन रहे इस ब्रिज के उद्घाटन से झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र और बिहार के सीमांचल क्षेत्र के बीच की दूरी कम होगी। साथ ही इस मार्ग से नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

घंटों का सफर, अब मिनटों में

NHAI के अनुसार, एक बार जब यह ब्रिज चालू हो जाएगा तो साहिबगंज और मनिहारी के बीच यात्रा की दूरी मौजूदा दूरी के लगभग दसवें हिस्से तक कम हो जाएगी। फिलहाल यात्रियों को काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और उन्हें भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर निर्भर रहना पड़ता है। इस नए ब्रिज के चालू होने से भागलपुर ब्रिज पर अक्सर होने वाले भारी ट्रैफिक जाम से भी काफी राहत मिलेगी।

एक्स्ट्राडोज़्ड तकनीक का उपयोग करके बनाया गया मुख्य ब्रिज

इस 22 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की सबसे खास बात गंगा नदी पर बना 6 किलोमीटर लंबा मुख्य ब्रिज है। इसे अत्याधुनिक 'एक्स्ट्राडोज़्ड तकनीक' का उपयोग करके बनाया गया है। जिससे न केवल ब्रिज को बेजोड़ संरचनात्मक मजबूती मिलती है, बल्कि इसे देखने में भी बेहद शानदार और आधुनिक बनाती है। इस पूरे कॉरिडोर में मुख्य ब्रिज के अलावा 300 मीटर लंबा रेलवे ब्रिज भी शामिल है। इसके अलावा पहुंच मार्गों पर नौ छोटे ब्रिज और नौ अंडरपास भी बनाए गए हैं, ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।

प्रोजेक्ट के तीन मुख्य हिस्से

  • झारखंड लिंक (NH-133B): इस हिस्से में गंगा नदी पर बना मुख्य मेगा-ब्रिज शामिल है।
  • मनिहारी बाईपास: मनिहारी शहर के अंदर ट्रैफिक की भीड़ कम करने के लिए एक खास बाईपास बनाया गया है।
  • चार-लेन (NH-131A): नरेनपुर के पास नेशनल हाईवे को चार-लेन में अपग्रेड किया गया है ताकि गाड़ियों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के हो सके।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में होगा फायदा

इस पुल का भारत के लिए बहुत ज्यादा रणनीतिक और आर्थिक महत्व है। यह झारखंड के खनिज-समृद्ध इलाकों को सीधे पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ेगा। NHAI का अनुमान है कि यह रास्ता नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ होने वाले आयात-निर्यात व्यापार से जुड़े लॉजिस्टिक्स खर्च को काफी कम कर देगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्योगों को बहुत ज्यादा फायदा होगा।

Updated on:
09 Apr 2026 06:45 pm
Published on:
09 Apr 2026 06:44 pm
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