बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार है। लेकिन बीजेपी सरकार मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पाठशाला से आते हैं, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी कांग्रेस से और विजेंद्र यादव आरजेडी से जुड़े रहे हैं।
बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि आपने जो अपनी पगड़ी उतारकर रखी है, उसे संभालकर रखें, क्योंकि उस पर विजय सिन्हा की नजर है। सदन में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि उनकी पार्टी को पहले से ही अंदेशा था कि नीतीश कुमार को भाजपा लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देगी। चुनाव में “2025 से 30” का नारा देकर कुछ ही महीनों में उन्हें कुर्सी से हटा दिया गया। तेजस्वी यादव ने तंज भरे लहजे में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए कहा कि इलेक्टेड CM को हटा कर सिलेक्टेड CM पर आपको बधाई। इसके साथ ही उन्होंने लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी भी लालू यादव की ही राजनीतिक पाठशाला से निकले हैं, जो अपने आप में एक अच्छी बात है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार में जो नई सम्राट चौधरी सरकार बनी है, उससे भाजपा के मूल कार्यकर्ता खुश नहीं हैं। नई सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पाठशाला से आते हैं, विजय सिन्हा कांग्रेस से और विजेंद्र यादव आरजेडी से हैं। इसके बावजूद भाजपा दावा कर रही है कि प्रदेश में उसकी ही सरकार है। तेजस्वी यादव ने कहा कि सच यह है कि सरकार में कोई भी “ऑरिजिनल भाजपा” का नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार बनने से महागठबंधन के लोग तो खुश हैं, लेकिन भाजपा के मूल कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब मेरे ऊपर परिवारवाद का आरोप नहीं लगेगा।
क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पिता, माता और भाई सब लोग राजनीति में हैं। इसलिए हम कोई मेरे ऊपर परिवारवाद का आरोप नहीं लगायेगा। नीति आयोग की रिपोर्ट की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार हर पैमाने में पीछे है। जबकि हमारी जब सरकार थी तो हर पैमाने में सरप्लस में दिया था। लेकिन, आज बिहार पर 4 लाख करोड़ का कर्जा है। अर्थात प्रति व्यक्ति 27 करोड़ का उधार हैं। सरकार के पास पेंशन देने के लिए पैसा नहीं है, खजाना पूरी तरह से खाली है। सरकार को वेतन देने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।