
सम्राट चौधरी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार (Photo-IANS)
नई सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली से लौटने के बाद बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले। इस मुलाकात के बाद बिहार का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और संभावित प्लान साझा किया गया। पिछली सरकार में बीजेपी के दो डिप्टी सीएम समेत 14 मंत्री थे, जबकि जदयू के खाते में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री थे। इसके अलावा लोजपा-आर के 2 और हम व रालोमो के 1-1 मंत्री शामिल थे।
नई सरकार में जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि जदयू इस बार अपने मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए दबाव बना रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच इसी मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई।
24 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद मई की शुरुआत में शेष मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के तुरंत बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभव है। दरअसल, बंगाल चुनाव के मद्देनज़र बिहार के कई विधायक वहां कैंप कर रहे हैं और फिलहाल पार्टी नेतृत्व का पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री अपने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिले थे। इस मुलाकात में बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद थे। इसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में ही कैबिनेट विस्तार को लगभग अंतिम रूप दे दिया है और बंगाल चुनाव के बाद इस पर मुहर लग सकती है।
फिलहाल बिहार सरकार मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम के साथ चल रही है। कैबिनेट विस्तार के बाद इसमें भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के नेताओं को शामिल किया जाएगा। हम और रालोमो के मंत्रियों की संख्या और चेहरों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। नए मंत्रियों की सूची मुख्यतः भाजपा, जदयू और लोजपा-आर से आने की संभावना है, जबकि नीतीश सरकार के कुछ पुराने चेहरों की विदाई भी हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को पहले ही दिन डिप्टी सीएम बनवाया था, जबकि श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता बनाया गया है।
नई सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर बीजेपी कोटे से सबसे अधिक चर्चा पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को लेकर हो रही है। पिछली विधानसभा के शुरुआती दौर में विधानसभा अध्यक्ष रहे विजय कुमार सिन्हा की नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के साथ सदन के भीतर हुई बहस तथा राजस्व मंत्री के रूप में उनके सख्त तेवरों को लेकर पार्टी कार्यालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लगातार चर्चा बनी हुई है।
Published on:
23 Apr 2026 11:12 am
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