पटना

भरत तिवारी एनकाउंटर पर CM सम्राट का बड़ा दांव! परिजनों से मुलाकात, ‘न्याय’ का भरोसा,बांकीपुर उपचुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का भरत तिवारी के परिजनों से मिलना बिहार की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। सीएम ने परिवार को न्याय का भरोसा दिया, लेकिन विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे ब्राह्मण वोटों को साधने की बीजेपी की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
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Updated: 24 Jul 2026, 9:38 PM IST
samrat chaudhary meets bharat tiwari family
CM सम्राट चौधरी के साथ भरत तिवारी के परिजन

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी ने बड़ा सियासी दांव खेलते हुए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। परिजनों ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए हत्या का आरोप लगाया था। मामला तूल पकड़ने के बाद तत्कालीन एसडीपीओ, थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ शाहपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। सरकार ने इस प्रकरण में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, जबकि तत्कालीन डीएसपी का तबादला कर दिया गया।

बांकीपुर रण से पहले BJP का ब्राह्मण कार्ड!

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भरत तिवारी के परिजनों से हुई इस मुलाकात को राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर नाराज बताए जा रहे ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश कर रही है।

भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पिछले महीने भोजपुर में महापंचायत का आयोजन भी हुआ था, जिसमें बिहार समेत कई राज्यों से सवर्ण, विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। इस महापंचायत में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे और उन्होंने सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला था।

ब्राह्मण वोट साधने की तेज हुई सियासत

बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर बीजेपी के लिए कड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक का एक वर्ग उनकी ओर आकर्षित हो रहा है। इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने शुक्रवार को अपने चुनाव प्रचार में भोजपुरी स्टार और गायक पवन सिंह तथा सांसद मनोज तिवारी को भी मैदान में उतारा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात को नाराज ब्राह्मण मतदाताओं को संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत मानी जाती है।

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24 Jul 2026, 9:38 PM IST
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