सम्राट सरकार शुक्रवार को विधानसभा में अपना विश्वास मत हासिल करेगी। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का समर्थन है। हालांकि, सभी की निगाहें कांग्रेस के तीन और आरजेडी के एक विधायक पर टिकी रहेंगी।
Bihar Politics मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार शुक्रवार को बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में विश्वास मत हासिल करेगी। विश्वास मत से पहले डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 24 अप्रैल को सरकार विधानसभा में अपना विश्वास मत प्राप्त करेगी। उन्होंने आगे कहा, “हम पूर्ण मजबूती के साथ विश्वास मत हासिल करेंगे। एनडीए के पास सिर्फ साधारण नहीं, बल्कि मजबूत बहुमत है।”
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का समर्थन है, जिससे सरकार का बहुमत हासिल करना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, विश्वास मत के दौरान चार विधायकों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
सम्राट सरकार के विश्वास मत के दौरान चार विधायकों पर सभी की निगाहें रहेंगी। इनमें राज्यसभा चुनाव के दौरान अनुपस्थित रहने वाले कांग्रेस के तीन और एक आरजेडी के विधायक शामिल हैं। अब यह देखना अहम होगा कि शुक्रवार को ये चारों विधायक किसके पक्ष में मतदान करते हैं—क्या वे महागठबंधन के समर्थन में जाते हैं या फिर सम्राट सरकार का समर्थन करते हैं।
दरअसल, मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्ष के चार विधायकों के रुख में बदलाव की बात सामने आई थी। ऐसे में यदि ये विधायक नई सरकार के साथ जाने का फैसला करते हैं तो इसे कोई बड़ा आश्चर्य नहीं माना जाएगा।
बीजेपी का दावा है कि शुक्रवार को सम्राट सरकार को एनडीए के विधायकों के साथ-साथ विपक्ष के कुछ सदस्यों का भी समर्थन मिल सकता है। वहीं, राज्य की राजनीति के जानकारों का कहना है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सम्राट सरकार अपने 201 के आंकड़े को और आगे बढ़ा पाती है।
NDA में शामिल होने के अपने पिछले राजनीतिक बदलाव के बाद, 2024 में नीतीश सरकार द्वारा मांगे गए विश्वास मत के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तीन विधायकों ने सभी गैर-NDA विधायकों के वॉकआउट के बीच सरकार के पक्ष में मतदान किया।
डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी (राज्य संसदीय मंत्री) ने कहा कि सरकार को मजबूत विश्वास मत प्राप्त होगा। उन्होंने कहा, “सरकार पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतिगत दिशा को आगे बढ़ा रही है, जिन्होंने राज्य में व्यापक बदलाव किए हैं और पिछली सरकार के अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।”
बिहार विधानसभा में BJP 89 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, इसके बाद JD(U) के 84 और LJP के 19 सदस्य हैं। 2020 में RJD सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन अब उसे केवल 25 सीटों के साथ विपक्ष के नेता (LoP) का पद मिला है। वहीं, 243 सदस्यीय विधानसभा में NDA के पास 202 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत है।