7 बार विधायक रह चुके श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। श्रवण नीतीश के करीबी नेताओं में से एक हैं। विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
Bihar Politics: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद नालंदा के कद्दावर नेता श्रवण कुमार को जनता दल यूनाइटेड के विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है। नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह पद रिक्त था, जिसे अब उनके सबसे पुराने और विश्वसनीय साथी को सौंपा गया है।
सोमवार को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक अणे मार्ग स्थित आवास पर जेडीयू विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। 90 मिनट तक चली इस बैठक में सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नया नेता चुनने के लिए अधिकृत किया गया था। नीतीश कुमार ने अपने पुराने सहयोगी श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगाई, जिसके बाद विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक तौर पर इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
श्रवण कुमार को यह बड़ी जिम्मेदारी मिलने से ठीक तीन दिन पहले, बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें Y+ श्रेणी प्रदान की थी। राज्य के गृह विभाग द्वारा अप्रैल 2026 में किए गए सुरक्षा बदलावों के तहत यह निर्णय लिया गया था, जिसे अब उनके बढ़ते राजनीतिक कद से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोमवार की बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने विधायकों में नया जोश भरते हुए भविष्य का खाका पेश किया था। इस दौरान नीतीश कुमार ने स्पष्ट करते हुए कहा था कि वे भले ही राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली में रहें, लेकिन वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। नीतीश कुमार ने पार्टी के लिए 2030 तक 200 सीटें जीतने का महा-लक्ष्य रखा है और सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
नालंदा से सात बार के विधायक श्रवण कुमार जदयू के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। इसके साथ ही श्रवण कुमार नीतीश कुमार के सहजातीय (कुर्मी) होने के साथ-साथ 1994 में समता पार्टी के गठन के समय से ही उनके साथ साये की तरह रहे हैं। उनकी बेदाग छवि और पार्टी के प्रति अटूट वफादारी के कारण ही उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुना गया है।