पटना

30 मई तक करा लें लाइफ सर्टिफिकेट, नहीं तो बंद हो सकती है बिहार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन!

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 30 मई 2026 तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। समय पर सत्यापन नहीं कराने पर पेंशन रोकी जा सकती है। मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सभी लाभुकों का सत्यापन पूरा कराने के निर्देश दिए।

2 min read
May 15, 2026
Pension-Scheme
पेंशन। फोटो: पत्रिका

बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर विभाग ने बड़ा निर्देश जारी किया है। सभी पेंशनधारियों को 30 मई 2026 तक अपना जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेट) अपडेट कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित तिथि तक जीवन प्रमाणीकरण नहीं कराने पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।

यह निर्देश समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने दिया। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण पूरा कराने का निर्देश भी दिया। विभाग के अनुसार, अब तक करीब 91 लाख 25 हजार पेंशनधारियों ने अपना जीवन प्रमाणीकरण करा लिया है।

30 मई तक करा लें लाइफ सर्टिफिकेट, नहीं रुकेगी पेंशन

समाज कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति और मॉनिटरिंग व्यवस्था की समीक्षा के बाद कहा कि बिहार सरकार की किसी भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ लेने वाले सभी पेंशनधारी 30 मई तक पंचायत स्तरीय शिविर या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से निशुल्क जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ सर्टिफिकेशन) जरूर करा लें। इससे सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि उन्हें बिना किसी बाधा के मिलती रहेगी।

नीतीश सरकार ने बढ़ाई थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन

नीतीश सरकार ने बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को नए स्वरूप में लागू किया था। सरकार ने वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाओं को मिलने वाली मासिक पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी थी। यह फैसला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लिया गया था। राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत एक करोड़ से अधिक लाभुकों को पेंशन दी जाती है।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर जोर

मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने बैठक के दौरान निदेशालय को निर्देश दिया कि संचालित योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों के वृद्ध, दिव्यांग, विधवा, कुष्ठ रोगी और भिक्षुकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करे, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभुक इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने आगे निर्देश दिया कि सभी योग्य लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। साथ ही योजनाओं की सतत निगरानी करते हुए जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव एच. आर. श्रीनिवास, निदेशालय निदेशक धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों और वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

Updated on:
15 May 2026 01:15 pm
Published on:
15 May 2026 11:47 am