पटना

होली पर दिल्ली-पंजाब से बिहार जाना होगा आसान, चलेंगी 200 स्पेशल बसें, इस दिन शुरू होगी बुकिंग

Bihar News: बिहार राज्य सरकार ने होली पर घर लौटने वाले बिहार के लाखों प्रवासी मजदूरों को एक बड़ा तोहफा दिया है। बिहार स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BSRTC) 15 फरवरी से 15 मार्च तक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित पांच राज्यों के लिए 200 स्पेशल फेस्टिवल बसें चलाएगा।
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Updated: 15 Jan 2026, 8:28 PM IST
sleeper bus
sleeper bus (पत्रिका फाइल फोटो)

Bihar News: होली के रंग में सराबोर होने के लिए अपने घर बिहार लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासियों के लिए राज्य सरकार ने इस साल बड़ा तोहफा दिया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने होली के त्योहार पर ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और वेटिंग लिस्ट की समस्या को देखते हुए 200 विशेष फेस्टिवल बसों के परिचालन का निर्णय लिया है। ये बसें न केवल आरामदायक होंगी, बल्कि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे दूरदराज के राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए किफायती भी साबित होंगी।

15 फरवरी से शुरू होगा परिचालन

इन विशेष बसों का परिचालन 15 फरवरी से शुरू होकर 15 मार्च 2026 तक जारी रहेगा, जिससे यात्रियों को आने और वापस लौटने, दोनों ही समय सुविधा मिल सके। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया 1 फरवरी से आधिकारिक वेबसाइट https://bsrtc.bihar.gov.in/ पर शुरू कर दी जाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि निजी ऑपरेटरों की मनमानी को रोकने के लिए इन बसों के किराए में विशेष छूट दी जाए, जिससे गरीब प्रवासियों पर आर्थिक बोझ न पड़े। भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम जैसे यूपीआई, डेबिट और क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

पांच राज्यों के प्रमुख रूटों पर संचालन

ये बसें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों के लिए चलाई जाएंगी। ये बसें पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित होंगी और इनमें एसी डीलक्स व नॉन-एसी डीलक्स दोनों तरह के विकल्प मौजूद रहेंगे। बसों की क्षमता 50 से 60 सीटों की होगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों को सफर का मौका मिल सके। विभाग वर्तमान में रूटों के अंतिम निर्धारण और समय-सारणी को अंतिम रूप देने में जुटा है ताकि 1 फरवरी से बिना किसी बाधा के बुकिंग शुरू हो सके।

होली पर आरामदायक होगी यात्रा: मंत्री

परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने इस संबंध में कहा कि त्योहारों के समय ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती, जिससे प्रवासियों को काफी कठिनाई होती है। इसी समस्या के समाधान के लिए विभाग लगातार सकारात्मक योजनाओं पर काम कर रहा है। इन बसों के माध्यम से यात्री न केवल आरामदायक सफर कर सकेंगे, बल्कि समय पर अपने घर भी पहुंच पाएंगे। इसके अलावा, यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखते हुए बस पड़ावों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पिछले साल ढाई लाख यात्रियों ने किया था सफर

पिछला रिकॉर्ड देखें तो बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की यह रणनीति काफी सफल रही है। पिछले साल भी निगम ने 220 बसों का सफल संचालन किया था, जिससे लगभग 2.50 लाख यात्रियों को लाभ मिला था। उस दौरान औसतन रोजाना 107 बसें चलाई गई, जिसमें 81 प्रतिशत सीटें भरी रही थीं। इस साल भी वैसी ही सफलता की उम्मीद की जा रही है।

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15 Jan 2026, 8:28 PM IST
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