पटना

‘भ्रष्टाचार ने मुझे BDO से MLA बना दिया…’ सदन में गरजे तेजस्वी के विधायक, कहा-14 महीने में समझ गया सिस्टम…

Bihar Politics: BDO की नौकरी छोड़ राजनीति में आए राजद विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने सदन में कहा कि जिस सिस्टम ने एक ईमानदार अधिकारी को काम नहीं करने दिया, उसी सिस्टम के भ्रष्टाचार ने उन्हें विधायक बनाकर आज सदन में खड़ा कर दिया है।
3 min read
Feb 17, 2026
bihar politics
राजद विधायक गौतम कृष्ण (फोटो-फ़ेसबुक)

Bihar Politics:बिहार विधानसभा के बजट सत्र का नजारा मंगलवार को पूरी तरह बदल गया, जब RJD विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ग्रामीण विकास विभाग के कटौती प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भले ही ग्रामीण विकास विभाग का बजट 16,000 करोड़ से बढ़ाकर 23,000 करोड़ कर दिया गया हो, लेकिन जब तक सिस्टम से करप्शन खत्म नहीं होगा, तब तक पलायन और गरीबी भी खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस विभाग में वे कभी BDO के तौर पर काम करते थे, उसी विभाग के भ्रष्टाचार ने उन्हें राजनीति में आने को मजबूर कर दिया।

राजा ने कहा रात है, मंत्री ने कहा रात है…

अपने भाषण की शुरुआत में विधायक गौतम कृष्ण ने सत्ता पक्ष के 'रामराज्य' और 'सुशासन' के दावों पर तंज कसते हुए एक लोक-कहावत सुनाई, "राजा ने कहा रात है, रानी ने कहा रात है, मंत्री ने कहा रात है… लेकिन यह सुबह-सुबह की बात है।"

उन्होंने कहा कि सदन के अंदर अक्सर ऐसा माहौल बनाया जाता है मानो राज्य में सब कुछ ठीक-ठाक हो। जैसे राज्य में न भूख है, न भय है, न पलायन है, न भ्रष्टाचार है, हर चेहरे पर मुस्कान है। लेकिन बाहर की हकीकत इसके उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के सभी दल, जदयू, भाजपा और लोजपा(रा.) मिलकर एक-दूसरे की 'हां में हां' मिला रहे हैं, जबकि वास्तविकता में ग्रामीण इलाकों में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।

ईमानदार अफसर था, इसलिए तंग किया गया

डॉ. गौतम कृष्ण ने अपनी सरकारी नौकरी के दौरान निजी अनुभव साझा करते हुए मंत्री श्रवण कुमार को सीधे संबोधित किया। उन्होंने बताया, "मैं बीडीओ (BDO) बनकर जनता की सेवा करने आया था। लेकिन इस विभाग के भ्रष्टाचार ने मुझे वहां से आज यहां पहुंचाया। उस वक्त भी श्रवण बाबू ही विभाग के मंत्री थे, आज भी वही हैं। वो जानते हैं कि मेरे 14 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मुझे किस तरह प्रताड़ित किया गया।"

अपने इस्तीफा पत्र का जिक्र करते हुए गौतम कृष्ण ने कहा, "इस्तीफा देते वक्त मैंने उस पत्र में व्यवस्था की खामियों का कच्चा चिट्ठा लिख दिया था। 14 महीने का कार्यकाल भले ही छोटा था, लेकिन एक ईमानदार अफसर के लिए वह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। मैंने उस पत्र में विस्तार से बताया है कि कैसे कदम-कदम पर एक निष्ठावान अधिकारी को सिस्टम द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, मेरा इस्तीफा पत्र आज भी इंटरनेट पर है।"

23 हजार करोड़ का विभाग, लेकिन…

ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि यह विभाग सीधे तौर पर जनता के जीवन, रोजगार, आर्थिक उन्नयन और पलायन रोकने जैसे अहम मुद्दों से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि इस साल विभाग का बजट 23 हजार करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी अधिक है। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतने बड़े बजट के बावजूद जमीनी स्तर पर पारदर्शिता और निगरानी नहीं होगी, तो योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा। उनका कहना था कि “संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन जिम्मेदारी और ईमानदारी की कमी के कारण परिणाम अपेक्षित नहीं मिल पा रहे।”

राजद ने दिया सम्मान, जनता ने दिया साथ

गौतम कृष्ण ने भावुक होते हुए कहा कि इसी भ्रष्टाचार से लड़ते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ी। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि राजद ने उनके स्वाभिमान और नैतिकता को पहचाना और एक साधारण कार्यकर्ता को विधायक बनाकर आपके सामने खड़ा होने का अवसर दिया। उन्होंने महिषी और नवहट्टा की जनता को भी सलाम किया जिन्होंने एक 'पूर्व अफसर' पर भरोसा जताकर उन्हें सदन भेजा।

दो बार हार, तीसरी बार जीत

डॉ. गौतम कृष्ण का राजनीतिक सफर आसान नहीं था। सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद वे चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन 2015 और 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, उन्होंने संघर्ष जारी रखा और आखिरकार 2025 के विधानसभा चुनाव में महिषी सीट जीत ली।

Updated on:
17 Feb 2026 05:14 pm
Published on:
17 Feb 2026 05:14 pm