पटना

बिहार में बड़ा रेल हादसा टला! पटरी पर अचानक आया रोटावेटर ट्रेन से टकराया, 500 मीटर तक घसीटता चला गया

Train Accident: भोजपुर जिले में आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन एक रोटावेटर से टकरा गई। टक्कर के बाद, खेती का उपकरण इंजन में फंस गया और करीब 500 मीटर तक घसीटता रहा, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।
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Dec 23, 2025
Train accident
ट्रेन से टकराई रोटावेटर (फोटो-पत्रिका)

Train Accident:बिहार के भोजपुर जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन एक रोटावेटर (मिट्टी को बारीक करने वाला एक खेती का औजार) से टकरा गई। यह घटना उदवंतनगर हॉल्ट के पास हुई, जब रोटावेटर अचानक पटरियों पर आ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रोटावेटर ट्रेन के इंजन में फंस गया और करीब 500 मीटर तक घिसटता चला गया। अच्छी बात यह है कि इस हादसे में किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी को चोट नहीं लगी और ट्रेन पटरी से नहीं उतरी।

सुबह 7:54 बजे हुई घटना, यात्रियों में मची अफरा-तफरी

पैसेंजर ट्रेन संख्या 63369 सुबह 7:44 बजे आरा स्टेशन से रवाना हुई थी। करीब दस मिनट बाद यानी सुबह 7:54 बजे, गरहनी स्टेशन मास्टर एसके सिंह को खबर मिली कि उदवंतनगर के पास रेलवे ट्रैक पर एक हादसा हुआ है। एक ट्रेन की टक्कर रोटावेटर से हो गई थी इस टक्कर के कारण ट्रेन में बैठे लोगों को तेज आवाज के साथ जोरदार झटका महसूस हुआ। इससे यात्रियों में दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपनी सीटों से उठकर इधर-उधर भागने लगे। बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित रखने की कोशिशें शुरू हो गईं। हालांकि रेलवे कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों को शांत किया और स्थिति को जल्द काबू में ले लिया।

घने कोहरे की वजह से हुआ हादसा

शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हादसा सुबह घने कोहरे की वजह से हुआ। कम विजिबिलिटी के कारण रोटावेटर ड्राइवर समय पर आती हुई ट्रेन को नहीं देख पाया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक रोटावेटर ट्रैक पर आ गया और ट्रेन उससे टकरा गई। टक्कर के बाद रोटावेटर ड्राइवर गाड़ी से नीचे गिर गया, लेकिन अच्छी बात यह है कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई।

लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टला

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन कंट्रोल्ड स्पीड से चल रही थी। लोको पायलट ने खतरा महसूस होते ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन की स्पीड कम हो गई और एक बड़ा हादसा टल गया। अगर ट्रेन ज़्यादा स्पीड से चल रही होती, तो नतीजे कहीं ज़्यादा गंभीर हो सकते थे।

रेलवे प्रशासन और RPF तुरंत मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के सीनियर अधिकारी, इंजीनियरिंग स्टाफ और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) मौके पर पहुंचे। सबसे पहले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। इसके बाद इंजन में फंसे रोटावेटर को हटाने का काम शुरू किया गया। इसके बाद किसी भी नुकसान की जांच के लिए रेलवे ट्रैक का इंस्पेक्शन किया गया।

कुछ समय के लिए ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं

हादसे की वजह से आरा-सासाराम सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित रहीं। ट्रेन को हटाने और ट्रैक क्लियर करने के बाद पैसेंजर ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ने दिया गया और बाद में उसने अपना नॉर्मल शेड्यूल फिर से शुरू कर दिया। रेलवे प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि रोटावेटर रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचा। शुरुआती जांच में ट्रेन ड्राइवर की तरफ से किसी भी लापरवाही की बात सामने नहीं आई है।

Updated on:
23 Dec 2025 12:58 pm
Published on:
23 Dec 2025 12:58 pm