पटना

थाने के गेट पर ही ‘खेल’ कर रहे थे दारोगा जी! विजिलेंस ने 25000 लेते रंगे हाथों दबोचा, इस काम के लिए मांगी थी रिश्वत

Bihar News: विजिलेंस डिपार्टमेंट ने नवादा जिले के अकबरपुर थाने के गेट पर एक दारोगा को घुस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दारोगा जी केस डायरी में मदद करने के लिए 25000 रुपये रिश्वत ले रहे थे। 
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Jan 02, 2026
bihar news
निगरानी की गिरफ्त में दारोगा जी (फोटो- SVU)

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत, विजिलेंस डिपार्टमेंट ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को नवादा जिले के अकबरपुर थाने में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रमोद कुमार को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। हैरानी की बात यह है कि SI थाने के गेट पर ही खुलेआम रिश्वत ले रहा था, तभी विजिलेंस टीम ने उसे पकड़ लिया। यह 2026 में विजिलेंस डिपार्टमेंट द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज की गई दूसरी FIR है और साल का पहला ट्रैप केस है।

थाने के गेट पर पकड़ा गया SI

यह ऑपरेशन बिहार विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की हेडक्वार्टर टीम ने किया। 2 जनवरी, 2026 को विजिलेंस पुलिस स्टेशन केस नंबर 02/26 दर्ज किया गया और अकबरपुर थाने के गेट पर जाल बिछाया गया। जैसे ही SI प्रमोद कुमार ने शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे थाने में हड़कंप मच गया।

किस काम के लिए मांगी गई थी रिश्वत?

विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, नवादा जिले के वारसलीगंज के वरनामा गांव के रहने वाले विकास कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि SI प्रमोद कुमार उसके बहनोई और भगना को गिरफ्तार न करने और अकबरपुर थाने के केस नंबर 484/25 में केस डायरी में मदद करने के बदले रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस डिपार्टमेंट ने मामले की जांच की और रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए।

शिकायत सही साबित हुई, फिर बिछाया गया जाल

जांच के बाद, विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने FIR दर्ज की और DSP गौतम कृष्णा के नेतृत्व में छापेमारी के लिए एक स्पेशल टीम बनाई। शिकायतकर्ता को प्लान के अनुसार तैयार किया गया और तय रकम के साथ थाने भेजा गया। जैसे ही SI ने पैसे लिए, विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशी

गिरफ्तारी के बाद, विजिलेंस टीम आरोपी SI प्रमोद कुमार से पूछताछ कर रही है। इसके बाद उसे पटना स्थित निगरानी विभाग के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। निगरानी विभाग ने साफ किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और अगर किसी अन्य पुलिस अधिकारी या व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
02 Jan 2026 07:46 pm
Published on:
02 Jan 2026 07:46 pm